बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले में साइबर ठगों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे शहरवासियों को एक के बाद एक लगातार बड़ा चूना लगा रहे हैं। ताजा मामलों में शातिर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में रातों-रात रकम दोगुनी करने का झांसा देकर और पेंशन कार्ड बनवाने का फर्जी नाटक रचकर कुल 26 लाख 29 हजार रुपये उड़ा लिए हैं। इस सनसनीखेज वारदात से शहर में हड़कंप मच गया है और लोग सहम गए हैं कि आखिर गाढ़ी कमाई ऑनलाइन कैसे पलक झपकते साफ हो रही है।

शेयर ट्रेडिंग का झांसा देकर 15 लाख साफ

साइबर ठगों ने शहर के तोरवा और सरकंडा थाना क्षेत्रों को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाया। इन इलाकों में रहने वाले दो अलग-अलग लोगों को जालसाजों ने अपने जाल में फंसाया। ठगों ने उन्हें बड़े भरोसे के साथ यह लालच दिया कि अगर वे शेयर बाजार में पैसा लगाएंगे, तो कुछ ही दिनों में उनकी रकम दोगुनी हो जाएगी।


मोटा मुनाफा कमाने के लालच में आकर एक शख्स ने तोरवा इलाके से 8 लाख रुपये गंवा दिए, तो वहीं सरकंडा के दूसरे पीड़ित ने 7 लाख रुपये लुटा दिए। जब पीड़ितों को समझ आया कि उनके साथ बड़ा खेल हो गया है, तब उन्होंने एनसीआरपी पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब इन शातिरों की कुंडली खंगालने में जुटी है।

पेंशन कार्ड का झांसा और बुजुर्ग की गाढ़ी कमाई पार

धोखाधड़ी का तीसरा और सबसे चौकाने वाला मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का सामने आया है। यहां उसलापुर के पास अल्का एवेन्यू में रहने वाले 70 साल के बुजुर्ग पवन चक्रवर्ती फेसबुक पर स्क्रॉल कर रहे थे, तभी उन्हें आईसीआईसीआई बैंक के लोगो वाला एक विज्ञापन दिखा जिस पर वरिष्ठ नागरिक पेंशन कार्ड बनवाने की बात लिखी थी।

बुजुर्ग ने विज्ञापन को सच मानकर उस पर क्लिक कर दिया। इसके बाद ठगों का फोन आया और प्रक्रिया के नाम पर उनसे पैन कार्ड, बैंक खाता और एटीएम की सारी गोपनीय जानकारी उगलवा ली गई। शातिरों ने इतनी सफाई से खेल खेला कि बुजुर्ग के खाते से एक के बाद एक नौ बार में कुल 11 लाख 29 हजार रुपये पार कर दिए गए। जब खाते से सारे पैसे उड़ गए तब बुजुर्ग को ठगी का अहसास हुआ।

पुलिस की अपील: जरा सी लापरवाही पड़ी भारी, भूलकर भी न करें ये गलती

लगातार सामने आ रही इन वारदातों के बाद पुलिस महकमे में भी चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने शहर के लोगों को सख्त हिदायत दी है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले किसी भी लुभावने विज्ञापन या रातों-रात अमीर बनाने वाली स्कीमों के चक्कर में बिल्कुल न आएं। अनजान लिंक पर क्लिक करना और बैंक की निजी जानकारियां किसी अजनबी से शेयर करना खतरनाक साबित हो सकता है। यदि आपके साथ भी ऐसा कोई धोखा होता है, तो बिना एक मिनट गंवाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें ताकि समय रहते ठगों के खातों को होल्ड कराया जा सके।

साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन और महत्वपूर्ण पुलिस एडवाइजरी:

बिलासपुर पुलिस की आमजन से अपील, साइबर ठगी से ऐसे बचें:

अतिरिक्त मुनाफे के झांसे से बचें: शेयर बाजार या ट्रेडिंग में रातों-रात पैसा डबल करने का दावा करने वाले फर्जी ऐप्स और लुभावने विज्ञापनों के चक्कर में बिल्कुल न आएं।

गोपनीय जानकारी साझा न करें: बैंक खाता, एटीएम पिन, ओटीपी, पैन कार्ड या आधार नंबर किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ फोन या सोशल मीडिया पर शेयर न करें।

अहम नंबर याद रखें: यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर ठगी होती है, तो बिना एक पल गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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