



दुर्ग। शादी का झांसा देकर AI की मदद से फर्जी युवतियों की फोटो दिखाकर ठगी करने का चौकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी 7-7 हजार की सैलरी पर लड़कियां रख फर्जी मैरिज ब्यूरो का संचालन कर रहा था। हर दिन 30 से 50 कॉल कर विवाह के इच्छुक लोगों को अपना शिकार बनाता था।
जानिए पूरा मामला
जानकारी मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 को थाना सुपेला पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उत्तर गंगोत्री भवन में यूनियन बैंक के पास स्थित एक परिसर के हॉल में एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित किया जा रहा है। यहां कॉल सेंटर के माध्यम से फर्जी सिम कार्ड व म्यूल बैंक खातों का उपयोग कर लोगों से साइबर धोखाधड़ी की जा रही है।

इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना सुपेला पुलिस टीम द्वारा गवाहों के साथ मौके पर दबिश दी गई। मौके पर मैरिज ब्यूरो का संचालक परमानंद यादव व चार युवतियां मिली। परिसर की तलाशी लेने पर कंप्यूटर, इंटरनेट वाई-फाई, विभिन्न कीपैड व एंड्रॉयड मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खातों की चेकबुक, QR कोड, मैरिज ब्यूरो के प्रचार संबंधी फ्लेक्स और ग्राहकों के मोबाइल नंबर, रजिस्टर बरामद हुए।
7,000 प्रतिमाह वेतन में काम
युवतियों से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें अच्छी कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर बुलाया गया था और 7,000 प्रतिमाह वेतन देने का आश्वासन देकर दो दिन का प्रशिक्षण दिया गया था। उन्हें मैरिज काउंसलर के रूप में ग्राहकों से बातचीत करने व QR कोड के माध्यम से भुगतान करने का कार्य सौंपा गया था।
AI से लड़कियों की फर्जी फोटो
मुख्य आरोपी परमानंद यादव से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह फ्यूचर पार्टनर, कल्याण मैट्रिमोनी व एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से फेसबुक व इंस्टाग्राम पर AI के माध्यम से तैयार काल्पनिक लड़कियों की तस्वीरें व फर्जी मोबाइल नंबरों का उपयोग कर विवाह संबंधी प्रचार करता था। अन्य राज्यों के विवाह इच्छुक व्यक्ति संपर्क कर फोन पर बातचीत करते थे तथा अपना बायोडाटा भेजते थे।
ऐसे करता था ठगी
इसके बाद आरोपी द्वारा संबंधित व्यक्तियों को उनकी पसंद की लड़की से विवाह कराने का झांसा देता था। फिर मैरिज काउंसलर के नाम से बनाए गए बैंक खातों के QR कोड के माध्यम से फीस के तौर पर 2,000 व अन्य राशि जमा कराई जाती थी। राशि प्राप्त होने के बाद संबंधित व्यक्तियों के मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर उनसे संपर्क बंद कर दिया जाता था।
हर दिन 50 कॉल
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पिछले लगभग तीन माह से इस गतिविधि को संचालित कर रहा था। प्रतिदिन लगभग 20 से 50 कॉल किए एवं प्राप्त किए जाते थे। विभिन्न बैंक खातों की जांच करने पर भारत सरकार द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल पर संबंधित खातों के विरुद्ध शिकायतें दर्ज होना भी पाया गया।
जब्त सामग्री, दस्तावेजों व प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर फर्जी मैरिज ब्यूरो की आड़ में सुनियोजित तरीके से विभिन्न राज्यों के लोगों के साथ साइबर धोखाधड़ी की जा रही थी। थाना सुपेला में धारा 317(2), 319(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी परमानंद यादव को गिरफ्तार किया गया। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जब्त सामग्री
1. विभिन्न बैंकों की पासबुक एवं चेकबुक: बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, फेडरल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक एवं IDBI बैंक सहित विभिन्न बैंक खातों की चेकबुक एवं एक पासबुक।
2. नगद राशि: 1,64,000।
3. सिम कार्ड: एयरटेल एवं वीआई कंपनी के कुल 16 नग सिम कार्ड, अनुमानित कीमत 1,600।
4. मोबाइल फोन: कुल 22 नग कीपैड मोबाइल एवं 04 नग एंड्रॉयड मोबाइल, एक नीले रंग का मोटोरोला मोबाइल, एक वनप्लस मोबाइल एवं एक आईफोन, जिसमें एयरटेल का सिम लगा हुआ था। समस्त मोबाइल की अनुमानित कीमत 78,000।
5. अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री: 01 सेट कंप्यूटर एवं एयरटेल कंपनी का इंटरनेट वाई-फाई, अनुमानित कीमत 40,000।
गिरफ्तार आरोपी
परमानंद यादव, 24 वर्ष, निवासी ग्राम ओटेबंद, थाना नंदनी, अहिवारा, जिला दुर्ग। वर्तमान पता नेहरू नगर ईस्ट।
दुर्ग पुलिस की अपील
– विवाह के नाम पर अनजान व्यक्तियों द्वारा मांगी जाने वाली रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल फीस अथवा अन्य किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि जमा करने से पहले संस्था की सत्यता की जांच अवश्य करें।
– सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली तस्वीरों एवं व्यक्तिगत जानकारियों की वास्तविकता की पुष्टि करें। AI से बनाई गई काल्पनिक तस्वीरों एवं फर्जी प्रोफाइल से सावधान रहें।
– किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना आधार कार्ड, बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड अथवा व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें।
– अपने बैंक खाते, मोबाइल नंबर, सिम कार्ड एवं QR कोड का उपयोग किसी अनजान व्यक्ति को न करने दें। कमीशन या नौकरी के लालच में अपना बैंक खाता दूसरों को उपलब्ध कराना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
– यदि आपके साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
– किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी थाना अथवा साइबर पुलिस को दें।
