
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कांग्रेस नेता के घर घुसकर हत्या करने वाले तीन आरोपियों को घटना के एक माह बाद तीन आरोपियों को धर-दबोचा गया है। तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर कांग्रेस नेता के दो बेटो को गोली मार दी थी। घटना में एक की मौत हो गई थी और दूसरा घायल हो गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने उधारी के पैसों को लेकर लगातार हो रहे विवाद, मृतक आयुष कश्यप के बढ़ते प्रभाव, आर्थिक प्रगति व व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न जलन और द्वेष के चलते हत्या की साजिश रची थी।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, 23-24 अप्रैल 2026 की रात ग्राम करही में 3 नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीँ इस घटना में मृतक के छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन प्रभारी SP निवेदिता पाल, ASP उमेश कुमार कश्यप, डॉग स्क्वॉड व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए IG बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग खुद घटनास्थल पहुंचे और अधिकारियों की बैठक लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ग्राम करही में विशेष पुलिस कैम्प स्थापित कर रेंज के कई अधिकारियों को शामिल करते हुए रेंज स्तरीय टीम का गठन किया गया।


7 राज्यों तक पहुंची जांच
मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली एवं जम्मू-कश्मीर सहित 07 राज्यों में दबिश दी।
200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले
मामले में 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए थे। सैकड़ो संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई थी। इस दौरान साइबर व आसूचना टीम लगातार सक्रिय रही। आईजी द्वारा लगातार मॉनिटरिंग कर पल-पल की जानकारी ली जा रही थी।
ऑपरेशन हंट” बना टर्निंग पॉइंट
इधर, प्रशिक्षण से लौटने के बाद SP विजय कुमार पाण्डेय सीधे ग्राम करही पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले की समीक्षा की। इसके बाद “ ऑपरेशन हंट” की शुरुआत की गई और टीमों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी भूषण बघेल के पास पूर्व में अवैध हथियार देखा गया था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि मृतक आयुष कश्यप और आरोपियों के बीच पुराने आर्थिक व (रेत खनन से जुड़ा विवाद) व्यवसायिक विवाद चल रहा था। मृतक आयुष कश्यप सीमेंट और रेत का कारोबार करता था।
हत्या के पीछे की वजह आई सामने
पूछताछ में आरोपी भूषण बघेल ने खुलासा किया कि उसके भाई द्वारा लिए गए उधार के पैसों को लेकर मृतक के परिवार से लगातार विवाद चल रहा था। आरोपियों को मृतक आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और प्रभाव से जलन थी। व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा के कारण आरोपी स्वयं को नुकसान में महसूस कर रहे थे। इसी द्वेष और आक्रोश के चलते हत्या की साजिश रची थी।
वारदात को ऐसे दिया अंजाम
घटना की रात तीनों आरोपी मृतक के घर के आसपास पहले से मौजूद थे। अन्य सहयोगियों द्वारा CCTV कैमरा तोड़ने के बाद आरोपी घर में घुसे। आरोपियों ने पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।
बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पूछताछ में गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मामले में मुख्य साजिशकर्ता एवं अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे में IG रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन तथा SP विजय कुमार पाण्डेय प्रभारी SP निवेदिता पॉल के निर्देश में ASP उमेश कुमार कश्यप और उदयन बेहार के नेतृत्व में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, साइबर थाना जांजगीर, थाना बिर्रा, बम्हनीडीह, मुलमुला रेंज साइबर सेल एवं जिला पुलिस बल के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही।
