

रायपुर। राजधानी रायपुर में एक हैरान करने वाला तीन तलाक का मामला सामने आया है, जिसमें कुवैत में नौकरी कर रहे पति पर अपनी पत्नी को फोन पर तीन तलाक देने का आरोप लगा है। पीड़िता महिला ने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने प्रताड़ना एवं मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, राजातालाब क्षेत्र निवासी महिला ने शिकायत में बताया कि उसका पति शाहिद रजा कुवैत में नौकरी करता है। फोन पर हुई बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ और आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए तीन बार तलाक बोलकर वैवाहिक संबंध समाप्त करने की बात कही। महिला ने बताया कि यह घटना उसे मानसिक और भावनात्मक रूप से अत्यधिक परेशान करने वाली रही।

सिविल लाइन थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तीन तलाक देने वाले आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि तीन तलाक की प्रक्रिया किस प्रकार हुई और इसके प्रमाण क्या हैं। आरोपी फिलहाल कुवैत में स्थित है, इसलिए पुलिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध तकनीकी और कानूनी साधनों का उपयोग कर कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की समीक्षा कर रही है।


थाना अधिकारियों ने बताया कि महिला के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस दौरान आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ पीड़िता को सुरक्षा और मानसिक सहारा प्रदान करने के उपाय किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि तीन तलाक मामलों में कानून के अनुसार अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाती है।
इस मामले से छत्तीसगढ़ में तीन तलाक के प्रति जागरूकता और महिला अधिकारों की सुरक्षा पर भी ध्यान देने की आवश्यकता उजागर हुई है। महिलाओं को कानूनी सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित प्रावधानों के तहत सिविल लाइन थाना द्वारा उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि इस तरह की घटनाओं में महिला तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और ऑनलाइन माध्यम से भी मदद प्राप्त कर सकें। आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई पूरी होने के बाद न्यायालय में मामला प्रस्तुत किया जाएगा। इस घटना ने सामाजिक और कानूनी दृष्टि से यह संदेश दिया है कि तीन तलाक जैसी अवैध या विवादित प्रथाओं के खिलाफ महिलाओं को अधिकार और सुरक्षा के लिए कानून का पूरा सहयोग मिलेगा।
