दुर्ग। किराये पर ली गई कार को फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपना वाहन बताकर बेचने का प्रयास करने के मामले में खुर्सीपार पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कार को अपना साबित करने के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए थे।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को चंद घंटों के भीतर हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच में संलिप्तता सामने आने के बाद घटना में इस्तेमाल कार को भी बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, 2 सितंबर 2026 को प्रार्थी हिमांशु वैष्णव ने थाना खुर्सीपार में शिकायत दर्ज कराई थी।


शिकायत में बताया गया कि आरोपी शुभम अनिल रामटेके ने फर्जी पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत कर वाहन क्रमांक CG 10 BE 6250 को किराये पर लिया था। इसके बाद आरोपी ने इसी कार को अपना वाहन बताते हुए किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए खुर्सीपार पुलिस ने तत्काल शिकायत की जांच शुरू की। रिपोर्ट के आधार पर थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 388/2026 दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्ति की तलाश शुरू की और कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में हिरासत में ले लिया। पुलिस की पूछताछ और विवेचना के दौरान आरोपी की भूमिका सामने आने के बाद घटना में प्रयुक्त कार को गवाहों की मौजूदगी में बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

फर्जी दस्तावेजों से कार को अपना बताने की कोशिश

पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी ने किराये पर हासिल की गई कार को अपना वाहन दिखाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उसने फर्जी पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार किए अथवा प्रस्तुत किए। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल थे।

इसके बाद आरोपी ने किराये की कार को स्वयं का वाहन बताते हुए उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी के विरुद्ध धारा 318(4), 319(2), 336(3), 337, 338 एवं 340(2) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

छावनी ओवरब्रिज के नीचे हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़ा घटना स्थल छावनी ओवरब्रिज के नीचे, निखिल होटल के पास, खुर्सीपार, जिला दुर्ग बताया गया है। आरोपी की पहचान शुभम अनिल रामटेके (30 वर्ष) के रूप में हुई है। वह महाराष्ट्र के नागपुर जिले के जरीपटका थाना क्षेत्र की निर्मल कॉलोनी, नारा रोड का निवासी बताया गया है। मामले में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कार क्रमांक CG 10 BE 6250 बरामद की है। पुलिस अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनके इस्तेमाल से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पुलिस ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

इस कार्रवाई में थाना खुर्सीपार के निरीक्षक लक्ष्मण केवट और थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से वाहन खरीदते या बेचते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी वाहन का सौदा करने से पहले वाहन के स्वामित्व, आरसी और अन्य जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन जरूर किया जाना चाहिए।

साथ ही आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस जैसे पहचान संबंधी दस्तावेजों की भी जांच आवश्यक है। किसी संदिग्ध व्यक्ति, फर्जी दस्तावेज या वाहन संबंधी धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।

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