



दुनिया में जब भी किसी लग्जरी होटल में ठहरने की बात आती है, तो लोगों को उम्मीद होती है कि वहां बेहतरीन कमरे, साफ-सफाई, स्वादिष्ट खाना और शानदार मेहमाननवाजी मिलेगी. खासकर जब एक रात के लिए हजारों रुपये खर्च किए जा रहे हों, तो कोई भी छोटी-मोटी परेशानी पसंद नहीं करता. लेकिन क्या हो, जब आलीशान इमारत और पांच सितारा होटल का नाम देखकर आप वहां पहुंचें और अंदर का अनुभव आपकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दे?
कुछ ऐसा ही हुआ मशहूर अमेरिकी यूट्यूबर क्रिस मिक्स ल्यूइस के साथ, जो इन दिनों पाकिस्तान के सफर पर थे. अपनी हिंदी और उर्दू भाषा की जानकारी से लोगों को प्रभावित करने वाले क्रिस ने इस्लामाबाद के मशहूर सेरीना होटल में ठहरने का फैसला किया. इस होटल को पाकिस्तान के प्रमुख लग्जरी होटलों में गिना जाता है.

हालांकि, यहां पहुंचने के बाद क्रिस को जिस तरह के अनुभव से गुजरना पड़ा, उसने उन्हें काफी निराश कर दिया. उन्होंने होटल में अपने ठहरने का पूरा अनुभव यूट्यूब पर साझा किया है. उनके वीडियो का शीर्षक है, Exposed Pakistan’s Top 5-Star Hotel ($300 Dirty Rooms). यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है और इसे अब तक करीब 47 लाख बार देखा जा चुका है.
आलीशान होटल देखकर खुश हुए, लेकिन चेक-इन पर ही बिगड़ गया मूड
क्रिस जब सेरीना होटल पहुंचे, तो उसकी भव्य इमारत देखकर उन्हें लगा कि यहां उनका ठहरना यादगार रहेगा. लेकिन होटल के रिसेप्शन पर पहुंचते ही उनका अनुभव उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. क्रिस के मुताबिक, वह ठीक दोपहर 2 बजे होटल पहुंचे थे, फिर भी उन्हें करीब 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा. इस दौरान उन्हें यह तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि उनका कमरा कब तक तैयार होगा.
क्रिस ने देखा कि होटल का स्टाफ फोन पर व्यस्त था और कमरों की उपलब्धता को लेकर भी असमंजस की स्थिति थी. इतने महंगे होटल में इस तरह इंतजार करना उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया. उन्होंने अपने वीडियो में बताया कि कर्मचारियों के इस रवैये ने उनके मन में होटल की सेवाओं को लेकर संदेह पैदा कर दिया था. करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार उन्हें कमरे की चाबी मिल सकी.
कमरे में घुसते ही भीग गए पैर, बाथटब में मिले बाल
कमरे की चाबी मिलने के बाद क्रिस को उम्मीद थी कि कम से कम अंदर की सुविधाएं शानदार होंगी. कमरा देखने में सुंदर था और उसकी सजावट में मुगलई दौर की झलक नजर आती थी. पहली नजर में सब कुछ ठीक लगा, लेकिन जल्द ही उन्हें कुछ ऐसी कमियां दिखाई दीं, जिनकी उम्मीद पांच सितारा होटल से नहीं की जाती.
क्रिस के अनुसार, कमरे में कदम रखते ही उनके पैर पानी से भीग गए, क्योंकि फर्श पर पानी फैला हुआ था. इसके बाद जब वह बाथरूम में पहुंचे, तो वहां बाथटब के अंदर टूटे हुए बाल पड़े मिले. कमरे की सफाई को लेकर इस लापरवाही ने उन्हें काफी निराश किया. क्रिस ने अपने अनुभव के जरिए सवाल उठाया कि जब कोई होटल अपने मेहमानों से इतनी बड़ी रकम वसूलता है, तो वहां साफ-सफाई का ध्यान रखना बुनियादी जिम्मेदारी होनी चाहिए.
परेशानियां यहीं खत्म नहीं हुईं. क्रिस ने बताया कि उनके कमरे की बिजली भी चली गई थी. इसके अलावा, उन्हें नॉन-स्मोकिंग कमरा दिया गया था, लेकिन वहां पहले से ही ऐशट्रे रखी हुई थी. इन छोटी-बड़ी कमियों ने उनके अनुभव को और खराब कर दिया.
महंगी हाई-टी में गोलगप्पे और समोसा चाट भी नहीं आए पसंद
शाम के समय क्रिस ने होटल की हाई-टी बुफे का अनुभव लेने का फैसला किया. इसके लिए उन्हें करीब 3,000 पाकिस्तानी रुपये खर्च करने पड़े. बुफे में गोलगप्पे और समोसा चाट समेत कई तरह के व्यंजन मौजूद थे. भारतीय उपमहाद्वीप के लोकप्रिय स्ट्रीट फूड देखकर उन्हें अच्छे स्वाद की उम्मीद रही होगी, लेकिन खाना उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा.
क्रिस के मुताबिक, गोलगप्पे की पूरियां सीली हुई थीं और समोसा चाट भी ठंडा पड़ चुका था. उन्होंने चाय का ऑर्डर दिया, लेकिन इसके लिए भी उन्हें करीब 10 मिनट तक इंतजार करना पड़ा. जब चाय आई, तो वह उन्हें खास पसंद नहीं आई. क्रिस ने चाय को साधारण और बेस्वाद बताया. एक लग्जरी होटल में मेहमानों के लिए खाने की गुणवत्ता और उसे परोसने का तरीका काफी मायने रखता है. ऐसे में महंगी हाई-टी के दौरान मिली इन कमियों ने क्रिस की नाराजगी को और बढ़ा दिया.
चिकन कड़ाही ने भी किया निराश, स्वाद को दिए सिर्फ 3 नंबर
होटल के कमरे और हाई-टी से निराश होने के बाद क्रिस ने रात में चिकन कड़ाही मंगाई. पाकिस्तान में चिकन कड़ाही अपने मसालों, खुशबू और लाजवाब स्वाद के लिए मशहूर है. खासकर लाहौर और कराची जैसे शहरों में मिलने वाले देसी खाने की तारीफ अक्सर सुनने को मिलती है. ऐसे में क्रिस को उम्मीद थी कि होटल में परोसी जाने वाली चिकन कड़ाही भी स्वाद के मामले में शानदार होगी.
हालांकि, उनका अनुभव इसके उलट रहा. क्रिस को चिकन कड़ाही में वह स्वाद और मसालों की खुशबू महसूस नहीं हुई, जिसकी उन्हें उम्मीद थी. उन्होंने कहा कि अगर कोई पहली बार पाकिस्तानी खाना चख रहा है, तो शायद उसे यह डिश ठीक लगे. लेकिन जिसने लाहौर या कराची की गलियों में मिलने वाले असली देसी खाने का स्वाद लिया है, उसके लिए यह कड़ाही निराशाजनक हो सकती है.
क्रिस ने इस डिश को 10 में से मुश्किल से 3 नंबर देने की बात कही. कुल मिलाकर, कमरे की सफाई से लेकर खाने तक का अनुभव उनके लिए निराशाजनक रहा. जिस होटल में एक रात बिताने के लिए 300 डॉलर खर्च किए गए, वहां उन्हें वैसी सुविधाएं नहीं मिलीं, जैसी वह उम्मीद कर रहे थे.
वीडियो देखकर पाकिस्तानी यूजर्स ने भी जताई नाराजगी
क्रिस का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस होटल की सेवाओं को लेकर चर्चा शुरू हो गई. वीडियो पर प्रतिक्रिया देने वाले कई पाकिस्तानी यूजर्स ने होटल की सफाई, रखरखाव और मेहमानों के साथ व्यवहार पर निराशा जताई. कुछ लोगों ने माना कि महंगे होटलों में भी सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना जरूरी है.
एक स्थानीय यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी कमियों को सामने लाना जरूरी है, क्योंकि कई बार वीआईपी संस्कृति के कारण बड़े संस्थानों की जवाबदेही पीछे छूट जाती है. वहीं, कुछ लोग अपने देश के प्रतिष्ठित होटल को लेकर की गई आलोचना से आहत भी दिखाई दिए.
