जंगल में घूमते समय अगर आपको एक जगह सैकड़ों तने और चारों तरफ फैली हरियाली दिखाई दे, तो आप यही समझेंगे कि यहां बहुत सारे पेड़ होंगे. लेकिन जरा सोचिए, अगर कोई आपसे कहे कि यह पूरा फैलाव सिर्फ एक ही पेड़ का है, तो शायद आपको यकीन न हो. ब्राजील में मौजूद एक विशाल काजू का पेड़ कुछ ऐसा ही है. इसकी शाखाएं जमीन तक पहुंचकर दोबारा जड़ें बना लेती हैं और फिर नए तनों का रूप ले लेती हैं.

यही सिलसिला सालों से चलता आ रहा है और आज यह पेड़ दूर से किसी घने जंगल जैसा नजर आता है. ब्राजील के रियो ग्रांडे डो नॉर्ते राज्य में पिरांगी बीच के पास मौजूद इस विशाल काजू के पेड़ को “काजू डो काजू” (Cajueiro da Praia) यानी काजू का सबसे बड़ा पेड़ के नाम से जाना जाता है. यह दुनिया के सबसे बड़े पेड़ों में गिना जाता है और अपने असाधारण फैलाव के कारण इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी मिला है.


1888 में लगाए गए थे काजू के पौधे

इस पेड़ से जुड़ी स्थानीय कहानी भी काफी दिलचस्प है. बताया जाता है कि साल 1888 में एक मछुआरे ने यहां दो काजू के पौधे लगाए थे. इनमें से एक पौधा समय के साथ सामान्य तरीके से बढ़ने के बजाय आसपास की जमीन पर फैलने लगा. शाखाएं जैसे-जैसे बड़ी हुईं, उनका वजन उन्हें नीचे की ओर ले आया.

कई शाखाएं जमीन तक पहुंच गईं और वहां उन्होंने जड़ें बना लीं. धीरे-धीरे इनसे नए तने बनने लगे और पेड़ का फैलाव बढ़ता चला गया. आज यही प्रक्रिया इस काजू के पेड़ को इतना विशाल बना चुकी है कि पहली नजर में इसे एक पेड़ के जगह लोग इसे पूरा जंगल ही मानते हैं.

आखिर एक पेड़ इतना फैल कैसे गया?

इस पेड़ की सबसे बड़ी खासियत इसकी शाखाओं का जमीन से दोबारा जुड़ना है. सामान्य पेड़ों में नीचे झुकने वाली शाखाएं अक्सर टूट जाती हैं, लेकिन इस काजू के पेड़ की कुछ शाखाएं जमीन को छूने के बाद जड़ें विकसित कर लेती हैं. इन जड़ों से नए तने तैयार होते हैं और वे मूल पेड़ से जुड़े रहते हैं. इस तरह एक ही पेड़ धीरे-धीरे कई तनों और शाखाओं का विशाल नेटवर्क बना लेता है. यही वजह है कि यहां एक पेड़ का फैलाव इतना बड़ा दिखाई देता है कि लोग इसे देखकर अक्सर इसे पूरा जंगल समझ लेते हैं.

कितने एरिया में फैला हुआ ये पेड़?

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, काजू का ये अनोखा पेड़ दो एकड़ (8,500 वर्ग मीटर/91,500 वर्ग फुट) एरिया में फैला हुआ है. आकार में यह 70 आम पेड़ों के बराबर है. इसे 100 साल से अधिक पुराना माना जाता है.

इसकी ऊंचाई लगभग 10-12 मीटर है और इसमें कुल 5000 से ज्यादा तने हैं. हर नई जड़ नया तना बनाती है. इसमें लगभग 80 लाख पत्तियां हैं. और एक पेड़ से हर साल 80,000 काजू (करीब 2.5 टन) पैदा होते हैं. पेड़ इतना घना है कि इसकी छांव में 7000 लोग एक साथ बैठ सकते हैं.

इसलिए कहा जाता है ‘Tree of Laziness’

इस विशाल काजू के पेड़ को स्थानीय तौर पर “Tree of Laziness” यानी ‘आलस का पेड़’ भी कहा जाता है. इसके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह नहीं, बल्कि इसकी घनी छांव से जुड़ी एक मजेदार धारणा है. कहा जाता है कि पेड़ के नीचे इतनी ठंडी और आरामदायक छांव मिलती है कि वहां बैठने या लेटने के बाद लोगों का उठने का मन ही नहीं करता. यह पेड़ इतना घना है कि इसकी छांव में 7000 लोग एक साथ बैठ सकते हैं.

पर्यटकों के लिए बन चुका है बड़ा आकर्षण

आज यह विशाल काजू का पेड़ ब्राजील के प्रमुख प्राकृतिक आकर्षणों में शामिल है. इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं. पेड़ के आसपास पर्यटकों के लिए रास्ते और देखने की सुविधाएं भी बनाई गई हैं, ताकि लोग इसके विशाल फैलाव को करीब से समझ सकें.

सबसे दिलचस्प अनुभव तब होता है, जब कोई इसकी शाखाओं के बीच से गुजरता है. एक तरफ आपको पेड़ का तना दिखाई देता है, तो दूसरी तरफ उसी पेड़ की शाखाएं जमीन में जड़ें जमाकर अलग-अलग तनों जैसी नजर आती हैं.

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