भिलाई। खेल एवं लोक कला भवन, सिविल लाइन, कसारीडीह में कोशिश स्टार म्यूजिकल एंड सोशल ग्रुप द्वारा भव्य संगीत मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। रिमझिम वर्षा के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने संगीत, सम्मान और सामाजिक सरोकारों का ऐसा सुंदर संगम प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार आदरणीया कुमारी संगीता मिश्रा थीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में ऑल इंडिया लीनेस क्लब की पास्ट मल्टीपल प्रेसिडेंट लीनेस मृदुला रोजिंदार, छत्तीसगढ़ प्रांतीय अध्यक्ष लीनेस रश्मि अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी रत्ना नारमदेव, प्रीति अजय बेहरा, डॉ. विजय कुमार गुप्ता, हलीमा बेगम, शशि प्रभा गुप्ता तथा प्रसिद्ध शायर नावेद रज़ा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा ने की।


कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सभी अतिथियों एवं कलाकारों का पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। संस्था के अध्यक्ष जाहिद अली ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि संगीत के माध्यम से सामाजिक चेतना, राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक मूल्यों तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान करना है।

उन्होंने संस्था द्वारा निरंतर आयोजित सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी भी दी। मुख्य अतिथि कुमारी संगीता मिश्रा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि संगीत मनुष्य की आत्मा को जोड़ने वाला सबसे प्रभावशाली माध्यम है। उन्होंने कहा कि सम्मान समारोह के साथ संगीत का यह सुंदर समन्वय समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला प्रयास है।

ऐसे आयोजनों से प्रतिभाओं को मंच मिलता है और समाज में सम्मान की संस्कृति विकसित होती है। उन्होंने प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि संस्कृति, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का यह समन्वय वास्तव में अनुकरणीय है। कुमारी संगीता मिश्रा का जीवन स्वयं संघर्ष, साहस और सेवा की प्रेरक गाथा है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को समाज सेवा का माध्यम बनाया।

वर्ष 2011 में दैनिक नवभारत से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत कर वर्ष 2016 से दैनिक हरिभूमि में अपनी निर्भीक, निष्पक्ष और जनपक्षधर लेखनी के माध्यम से समाज की आवाज़ बनकर कार्य कर रही हैं। माता-पिता के निधन जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने संघर्ष को शक्ति में बदला और महिलाओं, युवाओं, सामाजिक सरोकारों तथा जनहित के मुद्दों को अपनी लेखनी का केंद्र बनाया।

अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सम्मानों से सम्मानित संगीता मिश्रा आज पत्रकारिता जगत की विश्वसनीय पहचान और हजारों युवाओं विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। विशिष्ट अतिथि लीनेस रश्मि अग्रवाल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने संस्था को भविष्य में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन देते हुए कहा कि वे हमेशा कोशिश स्टार परिवार के साथ खड़ी रहेंगी।

लीनेस मृदुला रोजिंदार ने अपने संबोधन में कहा कि संगीत मानव जीवन में प्रेम, सद्भाव और संवेदनाओं का संचार करता है। उन्होंने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने की घोषणा की। वरिष्ठ समाजसेवी रत्ना नारमदेव ने महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अत्याचारों पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज से महिला सम्मान एवं सुरक्षा के लिए जागरूक होने का आह्वान किया।

वहीं प्रीति अजय बेहरा ने कहा कि आज की नारी अब अबला नहीं बल्कि सबला है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर, शिक्षित एवं सशक्त बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कैलाश जैन बरमेचा ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है तो संगीत उसकी आत्मा है। वर्तमान समय की तनावपूर्ण जीवनशैली में संगीत मानसिक शांति प्रदान करता है तथा समाज को जोड़ने का कार्य करता है।

उन्होंने कहा कि साहित्य, संगीत, शिक्षा, खेल और चिकित्सा—ये सभी समाज निर्माण के महत्वपूर्ण आधार हैं और इन्हें आगे बढ़ाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कुमारी संगीता मिश्रा का सम्मान संस्था के संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा एवं सचिव पियुषा मनहरे ने स्मृति-चिह्न भेंट कर किया।

विशिष्ट अतिथि लीनेस मृदुला रोजिंदार का सम्मान ज्ञानू मैथि, वात्सला साहू एवं तृप्ति साहू ने तथा लीनेस रश्मि अग्रवाल का सम्मान सूर्यकला एवं गीता सिंह ने किया। बारिश के बावजूद संगीत प्रेमियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कलाकारों ने एक प्यार का नगमा है, तुम अगर साथ देने का वादा करो, गाता रहे मेरा दिल, गली में आज चाँद निकला, ऐसी दीवानगी, क्या खूब लगती हो, हमको हमीं से चुरा लो, ये तेरा घर ये मेरा घर सहित अनेक सदाबहार गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर वातावरण को संगीतमय बना दिया।

प्रत्येक प्रस्तुति पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में महमूद अली, कमाल अख्तर निज़ामी, संजय लारोकर, राजेश जैन सर्राफ, संजय दुबे, ज्ञानू मैथि, अनुभव जैन, अनिल शुक्ला, यूसुफ शरीफ, विशाल गुप्ता, मतीन खान, संजय घाटे, आरिफ हुसैन, हुसैन भाई, पियुषा मनहरे, सूर्यकला, गीता सिंह, तृप्ति साहू, वात्सला साहू, माधुरी लारोकर सहित बड़ी संख्या में कलाकार, समाजसेवी एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई को दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित सभी लोगों ने उनके लोककला एवं भारतीय संस्कृति के प्रति अतुलनीय योगदान को नमन किया।

अंत में संस्था के संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा एवं अध्यक्ष जाहिद अली ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों तथा उपस्थित संगीत प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रयास रहेगा कि संगीत, साहित्य और समाज सेवा की यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहे तथा ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और मानवीय मूल्यों का संचार करते रहें।

वास्तव में यह आयोजन केवल एक संगीत संध्या नहीं था, बल्कि सम्मान, संस्कृति, सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं का ऐसा उत्सव था जिसने यह संदेश दिया कि जब सुरों के साथ सेवा और सम्मान जुड़ जाते हैं, तब कार्यक्रम इतिहास बन जाते हैं।

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *