


दुर्ग। थाना मोहन नगर क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या प्रकरण का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए घटना में शामिल सभी 07 अपचारी बालकों (नाबालिग आरोपियों) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि 1,500 रुपये के लेनदेन के विवाद ने इस सनसनीखेज वारदात को जन्म दिया।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 18 जून 2026 की रात लगभग 8:30 बजे दुर्गा सारथी को सूचना मिली कि शक्ति नगर स्थित पशु आहार किसान राईस मिल के कुएं में एक युवक का शव पड़ा हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची और पहचान के बाद मृतक की पहचान 26 वर्षीय यशवंत सारथी के रूप में की गई।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि युवक की हत्या सिर पर कठोर वस्तु से हमला कर तथा शरीर के अन्य हिस्सों में धारदार वस्तु से वार कर की गई थी।

इसके बाद शव को साक्ष्य छुपाने की नीयत से कुएं में फेंक दिया गया था। मामले में थाना मोहन नगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक ने मुख्य आरोपी से 1,500 रुपये उधार लिए थे और कई बार मांगने के बावजूद राशि वापस नहीं की जा रही थी।
इसी विवाद के चलते आरोपियों ने योजना बनाई। 17 जून की रात मुख्य आरोपी ने मृतक को फोन कर घटनास्थल पर बुलाया और अपने अन्य साथियों को भी वहां एकत्र किया। जांच के अनुसार, मृतक के पहुंचते ही आरोपियों ने उस पर हमला किया। घटना के बाद शव को कुएं में डालकर सभी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 07 अपचारी बालकों को हिरासत में लेकर घटना में प्रयुक्त सामग्री भी जब्त कर ली है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप कम समय में आरोपियों तक पहुंचना संभव हो सका।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध अथवा आपराधिक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
