



दुर्ग। शासकीय कार्य के दौरान भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के कर्मचारी के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में दुर्ग पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार घटना 30 जुलाई 2026 की है। प्रार्थी नरेश उत्तमराव कोटलवार (41 वर्ष), निवासी स्मृति नगर, दुर्ग ने थाना मोहन नगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में बताया गया कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत ध्रुव कुमार यादव शासकीय दायित्व का निर्वहन करते हुए चावल से भरी रैक को खाली कराने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अभिषेक जाल उर्फ भालू और उसके साथी ने उनके साथ विवाद करते हुए मारपीट की तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई।
हमले में एफसीआई कर्मचारी को चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए हाईटेक अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलने पर थाना मोहन नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 538/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 115(2), 3(5), 121(1), 132 और 221 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें 7 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक जाल उर्फ भालू (24 वर्ष), निवासी धमधा नाका, दुर्ग तथा दुर्गेश महानंद (19 वर्ष), निवासी कैलाश नगर, दुर्ग के रूप में हुई है। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने सरकारी कार्य को बाधित करने के उद्देश्य से पहले विवाद किया और फिर कर्मचारी के साथ मारपीट की। घटना के दौरान भय पैदा करने के लिए धारदार हथियार का भी इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार भी जब्त कर लिया है और उसे मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।
दुर्ग पुलिस ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान सुरक्षा प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि कोई व्यक्ति शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करता है या सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शासकीय कार्यों में सहयोग करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का साथ दें। किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या कानून व्यवस्था से जुड़ी जानकारी तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में भविष्य में भी त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
