



छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना के बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के 16 जिलों के लिए तात्कालिक चेतावनी जारी की थी। मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, बुधवार की सुबह प्रदेश के कई इलाकों में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई। इस चेतावनी में बस्तर संभाग के जिलों के साथ मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई जिले भी शामिल थे।
मौसम केंद्र रायपुर ने यह तात्कालिक मौसम बुलेटिन 4 नवंबर को सुबह 4 बजे जारी किया है। विभाग ने इन जिलों के अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश की संभावना व्यक्त की थी।

इन 16 जिलों के लिए जारी हुई थी चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, धमतरी, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, कबीरधाम, राजनांदगांव, बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर और सुकमा जिलों के अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और बिजली चमकने का पूर्वानुमान था। इस चेतावनी में बस्तर संभाग के सातों जिले शामिल थे।
वहीं धमतरी, गरियाबंद, राजनांदगांव और कबीरधाम जैसे जिलों में भी मौसम बदलने की संभावना जताई गई थी। उत्तरी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, कोरिया और सूरजपुर जिलों को भी इस तात्कालिक पूर्वानुमान में शामिल किया गया था। हालांकि, मौसम विभाग ने यह स्पष्ट किया था कि बारिश की संभावना संबंधित जिलों के अलग-अलग स्थानों पर है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी जिलों के प्रत्येक क्षेत्र में बारिश होगी।
बिजली चमकने के दौरान सावधानी जरूरी
मौसम विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार, बिजली चमकने और गरज-चमक की स्थिति में लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले किसानों, खुले मैदानों में मौजूद लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को सावधान रहने की जरूरत है। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।
सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेना बेहतर होता है। यदि किसी स्थान पर बिजली चमकने के साथ बारिश शुरू होती है तो लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर निकलने से बचना चाहिए। किसानों को भी गरज-चमक के दौरान खेतों में काम रोककर सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए।
