भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के निजीकरण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इस्पात मंत्रालय का बयान सामने आया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया प्रकाशनों में संयंत्र को बेचने की योजना से जुड़ी खबरों को असत्य और भ्रामक बताया है। इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए इन दावों का खंडन किया है।

साथ ही प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने भी इन खबरों को झूठा और निराधार बताया है। भिलाई इस्पात संयंत्र ने अपने कर्मचारियों, हितधारकों और छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे प्रसारित करें।


सभी से अनुरोध किया गया है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक एवं प्रमाणित स्रोतों से उसकी पुष्टि अवश्य करें। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की एक प्रमुख इकाई के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र देश के इस्पात क्षेत्र की प्रगति और भारत की औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने में निरंतर योगदान दे रहा है।

संयंत्र प्रबंधन ने जनता से सतर्कता बरतने, आधिकारिक माध्यमों से सूचनाओं की पुष्टि करने और भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने की अपील की है, ताकि कर्मचारियों, उनके परिवारों और छत्तीसगढ़ की जनता के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

भूपेश बघेल ने उठाया था BSP का मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक उद्योगपति भिलाई इस्पात संयंत्र देखने आने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश को बेचने का अभियान चला रहे नरेंद्र मोदी की नजर अब बीएसपी पर है और उनके प्रिय खरीदार मुआयना करने आ रहे हैं।

बघेल ने आगे लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी समझ लें कि बीएसपी छत्तीसगढ़ की आत्मा है और हम छत्तीसगढ़वासी इसे किसी सूरत में बिकने नहीं देंगे। किसी भी सूरत में नहीं। यह बात छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता भी समझ लें कि बीएसपी बिकाऊ नहीं है।

पंकज झा ने की आपराधिक मामला दर्ज कराने की मांग

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर भिलाई स्टील प्लांट को लेकर किए जा रहे दावों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि छत्तीसगढ़ का गौरव, भारत के नवरत्नों में एक और प्रथम उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का साकार रूप ‘भिलाई स्टील प्लांट’ को बदनाम करने और उसकी ब्रांड वैल्यू बिगाड़ने के अपराध में भूपेश बघेल और अन्य नेताओं के विरुद्ध बीएसपी प्रबंधन को आपराधिक मामला दर्ज कराना चाहिए।

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विरासत का अहम हिस्सा है BSP

भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, गौरव और औद्योगिक विरासत का अभिन्न अंग है। अपनी स्थापना के बाद से ही संयंत्र ने राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने रोजगार के अवसर सृजित किए हैं, सहायक उद्योगों को प्रोत्साहन दिया है और हजारों परिवारों की आजीविका में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसकी गौरवशाली विरासत और उल्लेखनीय योगदान ने इसे छत्तीसगढ़ की जनता के गौरव का प्रतीक बनाया है।

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