


दुर्ग। दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक निजी अस्पताल की स्टाफ नर्स से 10 लाख 55 हजार 698 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सुपेला पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बैंक पासबुक और मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक, सिकोला भाठा निवासी स्वेच्छा रानी ने स्मृति नगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2022 में श्री शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत रहने के दौरान उनकी पहचान दल्ली राजहरा निवासी बिज्जू चंद्रा, जो अस्पताल में अटेंडर था, से हुई।
आरोपी ने खुद की अधिकारियों और राजनीतिक लोगों से अच्छी पहचान होने का दावा करते हुए चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल कचांदूर और जिला अस्पताल दुर्ग में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में उसने अलग-अलग किश्तों में रकम ली। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पहले 4 लाख 72 हजार रुपये नकद लिए। इसके बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एचडीएफसी बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े यूपीआई खातों के माध्यम से 5 लाख 83 हजार 698 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए।

इस तरह उसने कुल 10 लाख 55 हजार 698 रुपये ऐंठ लिए। पीड़िता का आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपी ने न तो सरकारी नौकरी दिलाई और न ही रकम वापस की। बार-बार संपर्क करने पर वह टालमटोल करता रहा और बाद में उसने पीड़िता का मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया।
15 जुलाई को दर्ज शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर सुपेला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
