बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक रेलकर्मी पर अपनी ही तलाकशुदा महिला रिश्तेदार को भरोसे में लेकर उसकी बेटी को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देने और लाखों रुपए हड़पने का आरोप लगा है।

महिला ने जब नौकरी नहीं मिलने पर अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने कथित रूप से उसे झूठे मामले में फंसाने, अपहरण कराने और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर तारबाहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, व्यापार विहार स्थित एफसीआई गोदाम के पास रहने वाली सविता मिश्रा अपनी बेटी के साथ रहती हैं।


वह तलाकशुदा हैं और बेटी के बेहतर भविष्य के लिए उसे सरकारी नौकरी दिलाना चाहती थीं। इसी बीच उनके दूर के रिश्तेदार बलभद्र प्रसाद बाजपेई ने रेलवे में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। आरोपी संतोषी मंदिर झोपड़ापारा का निवासी है और रेलवे में कार्यरत बताया गया है। महिला का आरोप है कि बलभद्र प्रसाद बाजपेई ने उन्हें बताया कि रेलवे के कई बड़े अधिकारियों से उसकी अच्छी पहचान है।

वह अपनी पहुंच का इस्तेमाल करके उनकी बेटी को रेलवे में नौकरी दिला सकता है। इसके बदले उसने कुल 15 लाख रुपए की मांग की। आरोपी ने दावा किया कि रकम देने के बाद तीन महीने के भीतर नौकरी लग जाएगी। रिश्तेदार होने और रेलवे में कार्यरत होने के कारण महिला ने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया।

बेटी को सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद में उसने अपनी जमा पूंजी से रुपए देने का फैसला किया। महिला के मुताबिक, यह रकम उसके दिवंगत पिता की ओर से दी गई बचत का हिस्सा थी। पीड़िता ने बताया कि 2 अप्रैल 2025 को उसने सेंट्रल बैंक का पांच लाख रुपए का चेक आरोपी को दिया था। आरोप है कि बलभद्र ने चेक के माध्यम से रकम निकाल ली। इसके बाद आरोपी ने नौकरी की प्रक्रिया रुकने का डर दिखाकर महिला से अतिरिक्त रकम की मांग की।

महिला के अनुसार, 30 अप्रैल 2025 को आरोपी ने उसे रेलवे कार्यालय बुलाया और वहां दो लाख रुपए नकद ले लिए। इस तरह आरोपी ने कुल सात लाख रुपए प्राप्त कर लिए। रकम लेने के बाद उसने तीन महीने के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने और कॉल लेटर मिलने का भरोसा दिलाया। हालांकि, निर्धारित समय बीतने के बाद भी महिला की बेटी को रेलवे की ओर से कोई नियुक्ति पत्र नहीं मिला।

जब महिला ने आरोपी से संपर्क किया, तो वह अलग-अलग बहाने बनाकर मामले को टालने लगा। लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद नौकरी नहीं लगी। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी का व्यवहार बदल गया। उसने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए महिला को जान से मारने, अपहरण कराने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।

इससे महिला और उसकी बेटी परेशान हो गईं। महिला और उसकी बेटी ने एक अन्य गंभीर आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि बाद में उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी स्वयं स्वस्थ होने के बावजूद कथित रूप से मेडिकल अनफिट प्रमाणपत्र बनवाकर अपनी जगह बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने की कोशिश कर रहा था। इसके लिए उसने 15 लाख रुपए की कथित सेटिंग करने की बात कही थी।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उनसे लिए गए सात लाख रुपए का इस्तेमाल भी अपने बेटे की नौकरी की व्यवस्था में करने की बात कही थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही इनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। महिला ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए उसे कई बार तारबाहर थाने के चक्कर लगाने पड़े।

इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर वह सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह से मिली और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। एसएसपी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद तारबाहर पुलिस ने बलभद्र प्रसाद बाजपेई के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिला द्वारा दिए गए चेक, नकद भुगतान से जुड़े साक्ष्यों और आरोपी के कथित आश्वासनों की जांच महत्वपूर्ण होगी। आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में अभी कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

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