CG Weather Today: छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पानी गिरने का सिलसिला अभी रुका नहीं है। पिछले 24 घंटों को ही देखें तो राज्य के मध्य और दक्षिणी इलाकों में झमाझम तो कहीं हल्की बौछारें देखने को मिली। वैसे राहत की बात यह है कि इस बार मानसून ने किसानों को निराश नहीं किया है। मौसम दफ्तर के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस सीजन में अब तक सामान्य से करीब 6 फीसदी ज्यादा पानी बरस चुका है।

आने वाले 24 घंटों में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बारिश का यह दौर अभी रुकने वाला नहीं है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। कुछ जगहों पर बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ अचानक पानी गिर सकता है। अगर ऐसा होता है तो दिन के तापमान में थोड़ी और नरमी देखने को मिल सकती है।


इन इलाकों में हुई हालिया बारिश

हाल के दिनों में बादलों ने राज्य के बड़े हिस्से को घेरे रखा। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी और खैरागढ़ जैसे जिलों में अच्छी-खासी बारिश हुई। इसके अलावा उत्तरी और मैदानी इलाकों जैसे कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, मुंगेली, कबीरधाम और पेंड्रा में भी रुक-रुक कर पानी गिरता रहा।

कहां रही सबसे ज्यादा गर्मी और कहां पड़ी ठंड?

मौसम में आए इस बदलाव के बीच अलग-अलग शहरों में पारे का मिजाज भी अलग-अलग रहा। आंकड़ों के मुताबिक बालोद जिला प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां दिन का पारा 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दूसरी तरफ, पेंड्रा रोड में अच्छी-खासी ठंडक महसूस की गई और वहां रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 19.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

आकाश में क्यों बन रहे हैं बारिश के आसार?

मौसम विशेषज्ञों की मानें तो इस वक्त एक साथ दो मौसमी तंत्र सक्रिय हैं, जो राज्य में नमी खींच रहे हैं। पहला, मानसून की ट्रफ लाइन जम्मू-कश्मीर से निकलकर सीधे बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। दूसरा, मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के ऊपर हवा का एक चक्रवाती घेरा बना हुआ है। इन्हीं दो वजहों से छत्तीसगढ़ में लगातार बादल मंडरा रहे हैं।

खराब मौसम को लेकर चेतावनी और सावधानी

आने वाले घंटों में मौसम विभाग ने लोगों को थोड़ा संभलकर रहने की सलाह दी है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। IMD ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मौसम खराब होने की सूरत में खुले खेतों, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों और सुरक्षित जगहों पर ही शरण लें।

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *