



दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में सुपेला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अपने भाई के नाम से फर्जी लेटर पैड और अनापत्ति प्रमाण पत्र तैयार कर दो दुकानों को बेचने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
आरोपी पर फर्जी हस्ताक्षर कर दुकानों की बिक्री के बदले 28 लाख रुपये प्राप्त करने का आरोप है। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 468 के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दी दो दुकानें
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी साजिद खान ने थाना सुपेला में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संजय चौहान ने अपने भाई अजय चौहान के नाम से फर्जी लेटर पैड तैयार करवाया और अनापत्ति प्रमाण पत्र पर उसके फर्जी हस्ताक्षर किए।
इन दस्तावेजों के आधार पर आरोपी ने चौहान प्लाजा स्थित दुकान क्रमांक 110 और 111 को गलत तरीके से बेच दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने इस सौदे के बदले कुल 28 लाख रुपये प्राप्त किए। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया।
दुकानों की खरीद-बिक्री पर लगी थी हाईकोर्ट की रोक
पुलिस जांच में सामने आया कि संबंधित दुकानों की खरीद-बिक्री को लेकर 8 मार्च 2001 को हाईकोर्ट बिलासपुर द्वारा रोक लगाई गई थी। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित जमीन और दुकानें अजय चौहान ने साडा से खरीदी थीं। ऐसे में दुकानों की बिक्री के लिए अजय चौहान का अनापत्ति प्रमाण पत्र आवश्यक था। पुलिस के अनुसार, आरोपी संजय चौहान ने इसी आवश्यकता का फायदा उठाते हुए अपने भाई के नाम से कथित फर्जी दस्तावेज तैयार किए और दुकानों का सौदा कर दिया।
23 अक्टूबर 2019 को तैयार किए गए थे दस्तावेज
शिकायत की जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, आरोपी ने 23 अक्टूबर 2019 को अपने भाई अजय चौहान के नाम से फर्जी लेटर पैड तैयार किया था। इसके बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र में कथित रूप से अजय चौहान के फर्जी हस्ताक्षर कर दुकान क्रमांक 110 और 111 को साजिद खान के नाम बेच दिया गया। आरोप है कि संजय चौहान ने दुकानों की बिक्री के बदले शिकायतकर्ता से अलग-अलग किस्तों में नकद और बैंक के माध्यम से कुल 28 लाख रुपये प्राप्त किए।
जांच में धोखाधड़ी के साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई
पुलिस ने शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत आवेदन और दस्तावेजों की जांच की। जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित अपराध दर्ज किया गया। मामले में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1601/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 468 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने 23 अक्टूबर 2026 को आरोपी संजय चौहान को हिरासत में लिया। इसके बाद उसे थाने लाकर पूछताछ की गई और जांच प्रक्रिया के तहत उसके नमूना हस्ताक्षर लिए गए।
47 वर्षीय आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय चौहान, पिता स्वर्गीय बीपत उर्फ दीपेश्वर चौहान, उम्र 47 वर्ष, निवासी शास्त्री नगर भिलाई, थाना वैशाली नगर, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिवत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। मामले में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और दुकानों की बिक्री से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। हालांकि आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, प्रधान आरक्षक उपेन्दर सिंह तथा आरक्षक धर्मेन्द्र सूर्यवंशी और अजित यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुपेला पुलिस की इस कार्रवाई के बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति की खरीद-बिक्री से जुड़े मामले एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
