



बिलासपुर। न्यायधानी के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगानगर इलाके में एक महिला ने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 57 वर्षीय रूखमणी ठाकुर उर्फ भूखिन ठाकुर का आरोप है कि बहू कविता ठाकुर ने प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची और कोल्ड ड्रिंक में कीटनाशक मिलाकर पिला दिया।
महिला की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब सात दिनों तक वह वेंटिलेटर पर रही। पीड़िता के बयान और शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 118(1) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के मुताबिक घटना 17 जुलाई की है। उस दिन उसका एकादशी का उपवास था। सुबह रोजमर्रा के काम पूरे करने के बाद वह घर लौटी।

आरोप है कि इसी दौरान उसकी बहू ने उसे कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए दी। कोल्ड ड्रिंक पीने के कुछ देर बाद महिला ने चाय पी। इसके बाद अचानक उसे चक्कर आने लगे और उल्टियां शुरू हो गईं। कुछ ही देर में वह बेसुध होकर जमीन पर गिर गई। महिला की हालत बिगड़ते देख परिजन उसे तत्काल मंगला चौक स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। स्थिति गंभीर होने के कारण उसे बाद में सिम्स रेफर कर दिया गया।
यहां डॉक्टरों ने महिला को वेंटिलेटर पर रखा। करीब सात दिनों तक इलाज चलने के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बहू के किसी अन्य युवक से प्रेम संबंध होने का आरोप लगाया है। महिला के अनुसार उसे बहू के फोन पर किसी युवक से बातचीत करने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उसने अपने पति राजकुमार को इसकी जानकारी दी।
आरोप है कि 10 जुलाई को बहू का स्मार्टफोन रख लिया गया था। इसके बाद घर में विवाद और गाली-गलौज की स्थिति बनी थी। महिला का आरोप है कि इसी विवाद के बाद बहू ने उसे नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई और 17 जुलाई को कोल्ड ड्रिंक में कथित रूप से कीटनाशक मिलाकर दे दिया। हालांकि इन आरोपों की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पीड़िता ने एक अन्य गंभीर आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि जब परिवार के सदस्य उसे लेकर अस्पताल पहुंचे तो पीछे से बहू ने अपने मायके वालों को बुला लिया। इसके बाद घर की आलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और करीब 3 लाख 50 हजार रुपए नकद लेकर वह अपने मायके चली गई। बहू के मुंगेली जिले के ग्राम टिंगीपुर चमारी जाने की बात कही गई है।
अस्पताल में इलाज के दौरान महिला को होश आने के बाद 2 अगस्त को डॉक्टरों की मौजूदगी में पुलिस ने उसका बयान लिया। इसके बाद पीड़िता ने 3 अक्टूबर को मामले में औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। इधर, पीड़िता के परिजनों ने पुलिस जांच की गति पर सवाल उठाए हैं।
परिवार का आरोप है कि घटना को काफी समय बीतने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। परिजनों ने मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने की बात भी कही है। फिलहाल पुलिस ने महिला की शिकायत पर अपराध दर्ज कर लिया है। पीड़िता की ओर से लगाए गए कीटनाशक पिलाने, नकदी और आभूषण ले जाने सहित अन्य आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
