अंतागढ़। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अपराधों की रोकथाम, कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए कांकेर पुलिस द्वारा लागू की गई बीट प्रणाली अब धरातल पर रंग लाने लगी है। इसका एक ताजा और प्रत्यक्ष उदाहरण अंतागढ़ थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां शादी का प्रलोभन देकर युवती से दुष्कर्म करने के मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर धर दबोचा।

इस त्वरित और सफल कार्रवाई में गांव में तैनात बीट आरक्षक की सजगता, तत्परता और मजबूत स्थानीय सूचना तंत्र की सबसे अहम भूमिका रही। अंतागढ़ पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मामला ग्राम हिन्दुबिनापाल (कदमपारा) का है। यहां का निवासी आरोपी साहिल बघेल (उम्र 23 वर्ष, पिता राजेन्द्र बघेल) पर एक युवती को शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने (दुष्कर्म) का गंभीर आरोप लगा।


पीड़िता की लिखित शिकायत और बयान के आधार पर अंतागढ़ पुलिस ने आरोपी साहिल बघेल के विरुद्ध अपराध क्रमांक 68/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला पंजीबद्ध किया और विवेचना शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तर बस्तर कांकेर निखिल कुमार राखेचा के सख्त निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतागढ़ आशीष बंछोर के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) अंतागढ़ संतोष जैन के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।

अपने खिलाफ अपराध दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी साहिल बघेल गांव से फरार हो गया था और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। इसी दौरान अंतागढ़ पुलिस की प्रभावी ‘बीट प्रणाली’ आरोपी के लिए काल साबित हुई। ग्राम हिन्दुबिनापाल कदमपारा क्षेत्र में तैनात बीट आरक्षक ने अपने स्थानीय संपर्क और सूचना तंत्र को तुरंत सक्रिय किया।

बीट आरक्षक को आरोपी की गुप्त मौजूदगी की सटीक जानकारी हासिल हुई, जिसे उसने बिना समय गंवाए बीट प्रभारी महिला आरक्षक (क्रमांक 157) लोकसेवरी गावड़े तक पहुंचाया। सटीक सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल बताए गए ठिकाने पर दबिश दी और चारों तरफ से घेराबंदी कर आरोपी साहिल बघेल को हिरासत में ले लिया।

पुलिसिया पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे 24 घंटे से भी कम समय में विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। बीट प्रणाली की सफलता का उदाहरण अंतागढ़ में हुई यह त्वरित कार्रवाई यह साबित करती है कि बीट प्रणाली ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में पुलिसिंग को मजबूत करने में कितनी कारगर सिद्ध हो रही है।

बीट आरक्षकों की गांव-गांव में नियमित उपस्थिति, ग्रामीणों से संवाद और स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन से अपराधियों के हौसले पस्त हो रहे हैं। विशेष रूप से महिला सुरक्षा और संवेदनशील अपराधों में समय पर सूचना मिलना तथा पुलिस का तुरंत एक्शन में आना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अंतागढ़ पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र के ग्रामीणों में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत हुआ है।

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *