



बिलासपुर। राज्य शासन की अति महत्वाकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले में योजना का लाभ ले रहीं 4,17,902 महिलाओं में से 542 महिलाएं अपात्र पाई गई है, दस्तावेजों के सत्यापन के बाद यह गड़बड़ी सामने आई है। ऐसी महिलाओं को चिन्हांकित कर महिला एवं बाल विकास विभाग ने तकरीबन 30 लाख रुपए की वसूली की है।
प्रदेश भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार बनने की स्थिति में महतारी वंदन योजना की शुरुआत करने और महिलाओं को प्रति महीने एक हजार रुपये देने का वादा किया था। राज्य में भाजपा की सरकार काबिज होने के बाद योजना की शुरुआत की गई। योजना के तहत बिलासपुर जिले में चार लाख से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अब तक 4, 17, 902 महिलाओं के दस्तावेजों की जांच की गई है। इसमें योजना का लाभ ले रहीं, 542 महिलाएं आपत्र निकलीं। महिला बाल साथ विकास विभाग का दावा है कि योजना के तहत दी गई राशि की वसूली की जा रही है।
31 किश्तों में 12.16 अरब बांटे
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए आधार लिंक डीबीटी बैंक खातों में सीधे जमा की जाती है। अकेल बिलासपुर जिले में अब तक योजना की 31 किश्तें जारी हो चुकी है। इन किश्तों के माध्यम से कुल 12.16 अरब रुपए महिलाओं के खातों में पहुंचाए गए हैं। एक ओर योजना के तहत बड़ी राशि वितरित की जा रही है, वहीं दूसरी ओर अपात्र हितग्राहियों से सरकारी राशि की वसूली का अभियान भी जारी है।
उत्तराधिकारियों से 7.60 लाख वसूली
गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेने वाली महिलों की सूची काफी लंबी है। महिला हितग्राही, जो अपात्र थी और जिनकी मौत हो चुकी है। उनके उत्तराधिकारियों से 7 लाख 60 हजार रुपए वसूली की है।
98.58 केवाईसी पूरी, बाकी पर नजर
महतारी वंदन योजना में पात्र और अपात्र हितग्राहियों की पहचान के लिए केवाईसी को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। जिले में योजना से जुड़ी 4,17,902 महिलाओं में से अब तक 4,11,989 महिलाओं की केवाईसी पूरी हो चुकी है। 98.58 प्रतिशत हितग्राहियों का सत्यापन पूरा हो गया है। करीब डेढ़ प्रतिशत महिलाओं का ईकेवाईसी पूरा नहीं हो पाया है।
