



कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में जच्चा-बच्चा की मौत के चर्चित मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. शचींद्र कुमार गोटा को निलंबित कर दिया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर सचिव ने निलंबन संबंधी आदेश जारी किया है।निलंबन अवधि के दौरान डॉ. शचींद्र कुमार गोटा का मुख्यालय रायपुर निर्धारित किया गया है।
16 मई को हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत
गौरतलब है कि 16 मई को भानुप्रतापपुर के निजी गौतम अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा और नवजात की मौत हो गई थी। घटना के बाद स्वास्थ्य सेवाओं और निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी हुआ था और जांच की मांग की गई थी।


BMO पर कार्रवाई, लेकिन निजी अस्पताल पर अब तक नहीं
स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में BMO को निलंबित कर कार्रवाई की है, लेकिन जिस निजी गौतम अस्पताल में यह घटना हुई थी, उसके खिलाफ अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में अस्पताल की लापरवाही सामने आई है तो संबंधित निजी अस्पताल और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से BMO के निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जच्चा-बच्चा मौत मामले में निजी अस्पताल के खिलाफ भी कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
