



कवर्धा। पुराने सिक्के और नोट दिखाकर उनके बदले लाखों-करोड़ों रुपये मिलने का लालच देने वाले साइबर ठगों के गिरोह का बोड़ला पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में राजस्थान के दो मुख्य आरोपियों को तेलंगाना से गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर Instagram पर ‘राज ज्ञानी’ नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाने और अलग-अलग बैंक खातों, UPI व QR कोड के जरिए रकम लेने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने एक व्यक्ति को पुराने ‘वैष्णो देवी’ सिक्के के बदले 85 लाख रुपये और ‘ट्रैक्टर छाप’ पुराने नोट के बदले एक करोड़ रुपये मिलने का झांसा दिया। इसी लालच में फंसाकर उससे अलग-अलग किस्तों में कुल 1 लाख 68 हजार 269 रुपये की ठगी की गई।

Instagram पर फर्जी प्रोफाइल से बनाते थे शिकार
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर ‘राज ज्ञानी’ नाम से प्रोफाइल चलाते थे। इसी माध्यम से पुराने सिक्के और नोटों के बारे में जानकारी देने के बहाने लोगों से संपर्क किया जाता था।
आरोपी पुराने और दुर्लभ सिक्के-नोट की कथित कीमत करोड़ों रुपये बताकर लोगों को बड़ा मुनाफा होने का भरोसा दिलाते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन या अन्य अलग-अलग कारण बताकर रकम अपने बताए खातों में जमा कराने का आरोप है।
85 लाख और 1 करोड़ का लालच देकर ठगी
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी को भी इसी तरीके से पुराने सिक्के और नोट के बदले बड़ी रकम मिलने का लालच दिया गया। उसे बताया गया कि वैष्णो देवी वाला सिक्का देने पर 85 लाख रुपये और ट्रैक्टर छाप नोट के बदले एक करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
बड़ी रकम मिलने की उम्मीद में प्रार्थी ने आरोपियों के बताए अलग-अलग बैंक खातों, UPI और QR कोड के माध्यम से कुल 1,68,269 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब वादा की गई रकम नहीं मिली तो ठगी का पता चला और मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
तकनीकी जांच से तेलंगाना तक पहुंची पुलिस
शिकायत के बाद बोड़ला पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। साइबर तकनीकी साक्ष्यों और पैसों के लेन-देन से जुड़े इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान और लोकेशन का पता लगाया गया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के दो मुख्य आरोपियों को तेलंगाना से गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से करीब ढाई लाख रुपये कीमत के पांच महंगे मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
दूसरे राज्यों में भी ठगी के संकेत
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों द्वारा अन्य राज्यों में भी इसी तरह लोगों को पुराने सिक्के और नोट के नाम पर ठगी का शिकार बनाने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, सोशल मीडिया प्रोफाइल और लेन-देन की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और आरोपियों ने अब तक कितने लोगों से रकम ठगी है।
