कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा सामने आया, जिसमें यात्रियों से भरी यादव बस और बोलेरो वाहन की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसा इतना जोरदार था कि दोनों वाहनों में सवार कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा घायलों को वाहनों से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना कटघोरा क्षेत्र में सेनानी पेट्रोल पंप के पास हुई। बताया जा रहा है कि यादव बस बिलासपुर से यात्रियों को लेकर कोरबा की ओर आ रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही बोलेरो से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई।


टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद बस और बोलेरो में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। घटना के समय बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। हादसे में आधा दर्जन से अधिक यात्रियों को गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई है। वहीं बोलेरो वाहन में चार लोग सवार थे, जिनमें दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

इसके अलावा दोनों वाहनों में बैठे कई अन्य यात्रियों को भी चोटें आई हैं। घायलों में कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ यात्रियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कर दिया। राहगीरों ने घायलों को क्षतिग्रस्त वाहनों से बाहर निकाला और उन्हें निजी साधनों तथा एंबुलेंस की मदद से कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने घायलों का उपचार शुरू किया। गंभीर रूप से घायल लोगों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह सड़क किनारे खड़े अवैध ट्रकों को बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे ट्रकों के खड़े होने के कारण आने-जाने वाले वाहनों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही थी।

इसी वजह से बस और बोलेरो चालक को साइड लेने में परेशानी हुई और दोनों वाहन आमने-सामने टकरा गए। हालांकि पुलिस ने अभी हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं की है। घटना की जानकारी मिलते ही कटघोरा पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस द्वारा दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई की गई, ताकि यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी में जुट गया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति की जानकारी ली।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना के समय दोनों वाहनों की गति कितनी थी और सड़क किनारे खड़े ट्रकों की वजह से हादसा कितना प्रभावित हुआ। इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क किनारे अवैध पार्किंग और यातायात सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने और सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

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