रायपुर। रायपुर में बदमाशों के हौसले लगातार बढ़ते नजर आ रहे हैं। राजधानी के बीचों-बीच हुए गैंगवार ने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुशालपुर ओवरब्रिज के पास 27 मई की सुबह दो गुटों के बीच हुए खूनी संघर्ष में फरसे, चाकू, तलवार और हॉकी डंडों का खुलेआम इस्तेमाल किया गया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

मामले में पुलिस ने कुछ कार्रवाई जरूर की है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह गैंगवार स्कॉर्पियो गैंग और एक्टिवा गैंग के बीच हुआ था। विवाद की शुरुआत अमलेश्वर स्थित बैली फार्महाउस में आयोजित जन्मदिन पार्टी से हुई थी।


बताया जा रहा है कि आशु तिवारी के जन्मदिन समारोह के दौरान “शहर का डॉन कौन है” इस बात को लेकर सचिन पोपटानी और आशीष नामक युवकों के बीच बहस शुरू हुई। पार्टी में मौजूद अन्य युवकों ने उस समय मामला शांत करा दिया था, लेकिन विवाद बाद में हिंसक रूप ले बैठा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के बाद दोनों गुटों के सदस्य अलग-अलग वाहनों में निकले और कुशालपुर ओवरब्रिज के पहले आमने-सामने आ गए।

इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। गैंगवार के दौरान फरसे, चाकू, तलवार और हॉकी डंडों से हमला किया गया। घटना के दौरान सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों में दहशत फैल गई। मामले में कई नाबालिगों के शामिल होने की बात भी सामने आई है। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद अब किशोरों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।

घटना का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। पुलिस ने घटनास्थल से गैंगवार में इस्तेमाल किया गया फरसा बरामद कर लिया है। हालांकि, मुख्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। स्कॉर्पियो गैंग से जुड़े मिहिर भंसाली, इमरान सुल्तान और आदर्श सिंह समेत कई अन्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। शहर में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इतने चर्चित गैंगवार के आरोपी अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हो पाए हैं। लोगों का कहना है कि राजधानी के बीच सड़क पर इस तरह हथियारों से हमला होना सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। साथ ही गैंगवार में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने राजधानी में बढ़ती गैंगबाजी और युवाओं में बढ़ते आपराधिक रुझान को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। शहर के बीचों-बीच हुए इस गैंगवार ने आम लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

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