



दुर्ग। जिले में लोगों को सस्ते दाम पर सोने का बिस्किट दिलाने का लालच देकर रकम ठगने वाले आरोपी को रानीतराई पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विश्वजीत मौर्य, उम्र 29 वर्ष, के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथी राहुल कुमार के साथ मिलकर लोगों को सोने का बिस्किट दिलाने का झांसा देता था और इसके बदले उनसे रकम लेता था।
मामले की शुरुआत ग्राम रेंगाकठोरा निवासी समीर साहू की शिकायत से हुई। समीर साहू ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि सोने का बिस्किट दिलाने के नाम पर उनसे रकम ली गई, लेकिन बाद में उन्हें न तो सोना मिला और न ही रकम वापस की गई। शिकायत को जांच के लिए रानीतराई थाने भेजा गया।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच में ठगी से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जानकारी मिली। इन नंबरों के तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन की जांच की गई।
पुलिस को पता चला कि संदिग्ध दूसरे राज्य में मौजूद हैं। इसके बाद आवश्यक अनुमति लेकर रानीतराई पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लिए रवाना हुई। गाजियाबाद पहुंची पुलिस टीम ने इंदिरापुरम इलाके में तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई गई। लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने विश्वजीत मौर्य को पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान विश्वजीत ने अपने साथी राहुल कुमार के साथ मिलकर लोगों को सोने का बिस्किट दिलाने के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार की। पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को बाजार मूल्य से कम कीमत में सोना उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाते थे। सस्ता सोना मिलने की उम्मीद में लोग आरोपियों के संपर्क में आते थे।
इसके बाद आरोपी उनसे रकम लेते और बिस्किट देने का आश्वासन देते थे। आरोप है कि रकम मिलने के बाद सोना उपलब्ध नहीं कराया जाता था। इसी तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपने जाल में फंसाया और कुल कितनी रकम की ठगी की गई।
इसके लिए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और संभावित लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आरोपी राहुल कुमार की तलाश भी जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपियों के अलावा कोई अन्य व्यक्ति इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था या नहीं। यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार विश्वजीत मौर्य को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ और तकनीकी जांच के जरिए ठगी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने लोगों का विश्वास जीतने के लिए किस तरह का तरीका अपनाया, रकम किस माध्यम से ली गई और ठगी का यह सिलसिला कितने समय से चल रहा था।
मामले में फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर भी तलाश की जा रही है। रानीतराई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सस्ता सोना या अन्य कीमती सामान दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को रकम देने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें। असामान्य रूप से कम कीमत के लालच में आकर पैसे देने से बचें और किसी तरह की धोखाधड़ी की आशंका होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
