



रायपुर। राजधानी रायपुर में आरक्षक पर 1.18 करोड़ की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी आरक्षक ने सशस्त्र बल में पदस्थापना के दौरान वेतन पर्चियों में छेड़छाड़ कर अपनी वास्तविक पात्रता से अधिक प्रतिनियुक्ति भत्ता और विशेष राशन भत्ता निकलकर करोड़ों की ठगी किया। आरोपी ने इन रूपयों को अपने दो बैंक खातों के अलावा अपनी मां के बैंक खाते में भी ट्रांसफर करवाया था। आरोपी की हरकतों का जब पता चला तो उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, ये पूरा मामला माना थाना क्षेत्र का है। माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के सहायक उप निरीक्षक अरूण खलकों ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के मुताबिक, निलंबित आरक्षक 1176 कमलेश कुमार साहू चौथी वाहिनी के द्वारा 1,18,30,739 रूपए की शासकीय राशि कुटरचना कर निकाला गया।

वित्तीय अनियमितता की जानकारी मिलने पर विभागीय स्तर पर प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच अधिकारी ने 31 अक्टूबर 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसमें वेतन पर्चियों में छेड़छाड़ कर वास्तविक पात्रता से अधिक प्रतिनियुक्ति भत्ता और विशेष राशन भत्ता लेने की पुष्टि हुई।
2012 से अप्रैल 2017 तक रुपए निकाले गए
जांच में यह भी पता चला कि नवंबर 2012 से अप्रैल 2017 तक वित्तीय अनियमितता की गई। आरक्षक ने इन रुपयों को अपने बैंक खातों और अपनी मां के खाते में ट्रांसफर किया। फिलहाल पुलिस मामले में आरोपी के बैंक खतों की जाँच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अलग-अलग खातों में कितनी-कितनी रकम जमा आरोपी ने कराई और इन रुपयों को कब-कब निकाला था।
