रायपुर। छत्तीसगढ़ का बस्तर अब केवल नक्सल प्रभावित क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत का अगला टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने बस्तर के चहुंमुखी विकास के लिए ‘बस्तर रोड मैप’ तैयार करना शुरू कर दिया है। इस दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने सभी विभागों से प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट मांगी है।

बस्तर को मिलेगा ‘बाली’ जैसा ग्लोबल पहचान


इंडोनेशिया का द्वीप बाली अपनी समृद्ध संस्कृति, अध्यात्म और पर्यटन के कारण पूरी दुनिया में मशहूर है। सरकार की योजना है कि बस्तर की आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को सहेजते हुए इसे एक ऐसा पर्यटक केंद्र बनाया जाए, जहां देश-विदेश से लोग खिंचे चले आएं।

नक्सलवाद खत्म, अब विकास की बारी

बस्तर में तेजी से घट रहा नक्सली प्रभाव अब वहां स्थायी विकास की संभावनाओं को मजबूत कर रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। पिछले छह महीनों में 200 से ज्यादा नक्सलियों का सफाया हो चुका है।

रोड नेटवर्क होगा अत्याधुनिक, रोमांचित करेगा सफर

केशकाल घाटी, जो कभी ट्रैफिक जाम के लिए बदनाम थी, अब पर्यटन स्थल जैसी दिखती है। घाटी की दीवारों पर बस्तर की पारंपरिक कलाकृतियां उकेरी गई हैं। सरकार की योजना है कि बस्तर की हर सड़क को ऐसा रूप दिया जाए कि खुद यात्रा रोमांचक अनुभव बन जाए।

टूरिज्म में बड़ा निवेश, होमस्टे और लग्ज़री रिसॉर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा

राज्य सरकार बस्तर को पर्यटन हब बनाने के लिए होम स्टे पर सब्सिडी, और बड़े होटल ग्रुप्स को रिसॉर्ट्स निर्माण के लिए आमंत्रण दे रही है। इस कदम से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

संस्कृति को नहीं छेड़ेंगे, बल्कि उभारेंगे

सरकार का संकल्प है कि बस्तर की मूल संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक धरोहर को बिना नुकसान पहुंचाए उभार दिया जाए। जैसे बाली में इंडोनेशिया की मुस्लिम आबादी के बावजूद वहां की हिन्दू संस्कृति को सम्मान मिलता है, वैसे ही बस्तर की अस्मिता को संरक्षित रखा जाएगा।

सीएम सचिवालय की सक्रिय भूमिका, सुबोध सिंह कर रहे निगरानी

मुख्यमंत्री सचिवालय ने सभी विभागीय सचिवों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विभागों के लिए बस्तर केंद्रित टॉप प्रोजेक्ट्स की लिस्ट बनाएं। इन प्रोजेक्ट्स को शीघ्र स्वीकृति दी जाएगी ताकि 2026 से पहले ही विकास की नींव मजबूत हो जाए।

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