रायगढ़। मध्य भारत के बड़े ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संगठित सट्टा और हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए गोवा में छापेमारी कर 6 सट्टा संचालकों को गिरफ्तार किया है। यह नेटवर्क रायगढ़, रायपुर, सक्ती और खरसिया समेत कई शहरों से लेकर गोवा तक फैला हुआ था। पुलिस ने मौके से 10 मोबाइल फोन जब्त किए हैं और पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। इस पूरे मामले का खुलासा एसएसपी शशि मोहन सिंह ने किया है।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाना रायगढ़ में दर्ज अपराध क्रमांक 217/2026 एवं 218/2026 धारा 4, 7 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोपियों करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल, पुष्कर अग्रवाल तथा सुनील अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।


पूछताछ में हवाला के माध्यम से पैसों के लेनदेन और खरसिया निवासी अमित मित्तल के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिले, जिसके आधार पर साइबर थाना और कोतवाली पुलिस ने तकनीकी निगरानी शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी रायगढ़, रायपुर, सक्ती और खरसिया से जुड़े नेटवर्क के साथ हैदराबाद और मुंबई होते हुए गोवा में सक्रिय थे।

गोवा में दबिश, 6 आरोपी गिरफ्तार

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में साइबर थाना रायगढ़ की टीम गोवा पहुंची, जहां कैंडोलिम बीच क्षेत्र स्थित एक किराए के विला में छापेमार कार्रवाई की गई। पुलिस दबिश के दौरान अमित मित्तल के साथ मोहित सोमानी, प्रकाश वाधवानी, आकाश मोटवानी, राहुल खंडेलवाल और सुलभ खंडेलवाल को सट्टा संचालित करते हुए गिरफ्तार किया गया।

पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर आरोपी फरार होने की तैयारी में थे और उन्होंने अपने कॉलिंग फोन, लैपटॉप, हिसाब-किताब की डायरी तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट करने का प्रयास किया था। पुलिस की टीम ने मौके से 10 मोबाइल फोन जब्त कर सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए रायगढ़ लाया गया।

ऑनलाइन सट्टा संचालन का तरीका

खाईवालों के अनुसार यह गिरोह आईपीएल क्रिकेट मैचों में सट्टा तीन तरीकों से संचालित करता था—

ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के तीन तरीके

(I) सबसे पहले लाइन के माध्यम से रायपुर से क्रिकेट सेशन का भाव लिया जाता था। भाव लेने के बाद APK आधारित Zoom ऐप के जरिए खाईवाल नीचे प्लेयर्स तक भाव वितरित करते थे।

(II) सटोरिए पिछले कई वर्षों से क्रिकेट सट्टे से जुड़े होने के कारण समय का लाभ लेने के लिए APK फाइल के माध्यम से प्रगति टीवी ऐप/स्टार लाइव जैसे ऐप का उपयोग करते थे, जिसमें लगभग 7 सेकंड पहले मैच प्रसारित होता था। इस एडवांटेज के आधार पर कॉलिंग वर्चुअल ऐप के जरिए पहले से जुड़े खाईवालों से बात कर भाव बताया जाता था।

(III) महादेव सट्टा की तर्ज पर All Panel Exchange, Taj 777 और Diamond Exchange जैसे बेटिंग ऐप उपलब्ध कराकर जुआ संचालित किया जाता था।

तकनीकी जांच और मोबाइल डेटा की पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी मध्य भारत के बड़े सट्टा नेटवर्क गिरोह से जुड़े हुए थे और ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, मटका सट्टा तथा डिजिटल बेटिंग आईडी के माध्यम से संगठित अपराध को अंजाम दे रहे थे। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ऊपर से बेटिंग आईडी लेकर अपने नीचे सक्रिय एजेंटों और प्लेयर्स को उपलब्ध कराते थे तथा प्रत्येक लेनदेन पर कमीशन प्राप्त करते थे। प्रारंभिक जांच में एक आईपीएल सीजन के दौरान करोड़ों रुपये से अधिक के लेनदेन का हिसाब-किताब मिलने के संकेत मिले हैं।

हवाला नेटवर्क का खुलासा, सीरियल नंबर वाले नोटों से होती थी रकम की लेनदेन

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि यह गैंग हवाला के माध्यम से रुपयों का लेनदेन करता था। आरोपियों के मोबाइल फोन से नोटों के सीरियल नंबर साझा कर बड़ी रकम ट्रांसफर करने के साक्ष्य मिले हैं। इससे पहले की कार्रवाई में एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी की जब्ती भी की जा चुकी है।

सभी छह आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी पाया गया है। इनके रायगढ़, खरसिया, रायपुर और अन्य शहरों के सट्टा नेटवर्क से जुड़े होने की जांच जारी है। पुलिस सभी आरोपियों को थाना कोतवाली के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज रही है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

दुबई से आईडी, महानगरों से लाइन—ऐसे चलता था ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क

अब तक की जांच में सामने आया है कि दुबई से महादेव सट्टा ऐप की तरह क्रिकेट बेटिंग आईडी महानगरों में बैठे खाईवालों के माध्यम से प्राप्त होती थी। इसके बाद यह आईडी मध्य भारत के नागपुर, रायपुर जैसे शहरों में वितरित की जाती थी। ये आरोपी कमीशन पर छोटे खाईवालों और खिलाड़ियों को क्रिकेट आईडी उपलब्ध कराते थे।

पुलिस का बयान

रायगढ़ पुलिस संगठित अपराध, ऑनलाइन सट्टा और हवाला नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। जो भी व्यक्ति इस अवैध कारोबार में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। तकनीक आधारित अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

अमित मित्तल (30 वर्ष) खरशिया
मोहित सोमानी (38 वर्ष) रायपुर
प्रकाश वाधवानी (28 वर्ष) रायपुर
आकाश मोटवानी (31 वर्ष) रायपुर
राहुल खंडेलवाल (36 वर्ष) रायपुर
सुलभ खंडेलवाल (33 वर्ष) रायपुर

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