


कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक 22 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक कर्ज और बाइक की किस्तों का भुगतान न कर पाने के कारण तनाव में था। लगातार फाइनेंसर के दबाव से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह घटना उरगा थाना क्षेत्र के बटरामपुर गांव की है। मृतक की पहचान शंकर कुमार के रूप में हुई है। उसका शव शुक्रवार सुबह गांव के पास स्थित एक खेत में पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों के अनुसार, शंकर कुमार 17 जून को रोज की तरह काम पर गया था और रात करीब 9 बजे घर लौटा था।

उसने अपनी बाइक घर के बाहर खड़ी की और कुछ देर बाद बिना कुछ बताए घर से बाहर चला गया। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसे फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ या अनुत्तरित रहा। रात भर संपर्क नहीं होने पर परिजनों ने अगले दिन उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद उरगा थाना पुलिस को सूचना देकर गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
पुलिस ने युवक की तलाश के लिए उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जिसमें उसका अंतिम लोकेशन बटरामपुर गांव के खेत के पास मिला। इसके बाद पुलिस टीम और परिजन मौके पर पहुंचे, जहां युवक का शव एक पेड़ पर कपड़े के फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक ने कुछ महीने पहले फाइनेंस पर नई बाइक खरीदी थी। किस्तें समय पर जमा नहीं हो पाने के कारण वह मानसिक तनाव में था और फाइनेंसर द्वारा लगातार भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि शंकर आर्थिक तंगी से गुजर रहा था और इसी कारण वह काफी परेशान रहने लगा था।
घटना से परिवार में शोक का माहौल है और परिजन सदमे में हैं। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिससे आगे की जांच में मदद ली जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक किन परिस्थितियों में घर से निकला और अंतिम समय में किन लोगों से उसकी बातचीत हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले को आत्महत्या के कारणों की दृष्टि से जांच कर रही है और फाइनेंसर के दबाव संबंधी आरोपों की भी पुष्टि की जा रही है।
