



रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में रायपुर नगर पालिक निगम ने 43 सहायक शिक्षकों की सेवाएं बहाल कर दी हैं। निगम ने 4 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर सभी शिक्षकों को विभिन्न शासकीय विद्यालयों में पदस्थापना दी। इस कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट में लंबित अवमानना याचिका का भी निराकरण हो गया है। मामला वर्ष 2014 में सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति और बाद में सेवा समाप्ति से जुड़ा था।
45 दिन की नौकरी के बाद खत्म हो गई थी नियुक्ति
यह मामला रायपुर नगर निगम की वर्ष 2013 में निकाली गई सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़ा है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 43 शिक्षकों ने 15 अक्टूबर 2014 को अपनी सेवाएं शुरू की थीं। लेकिन नियुक्ति के करीब डेढ़ महीने बाद ही 29 नवंबर 2014 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अचानक हुई इस कार्रवाई के खिलाफ शिक्षकों ने न्यायालय का रास्ता चुना।

हाईकोर्ट ने माना था नियुक्ति रद्द करने का फैसला गलत
शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2019 में बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने नियुक्ति समाप्त करने के आदेश को नियमों के विपरीत बताते हुए रद्द कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और नियुक्तियां नियमों के अनुसार हुई थीं, तो बिना उचित प्रक्रिया अपनाए सेवाएं समाप्त नहीं की जा सकतीं।
कोर्ट ने शिक्षकों को सेवा में वापस लेने के साथ सेवा निरंतरता और अन्य लाभ देने के निर्देश दिए थे। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय तथा अवमानना कार्यवाही सहित सभी न्यायिक चरणों में अधिवक्ता ईशान वर्मा एवं अधिवक्ता रूपेश साहू द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया।
डिवीजन बेंच से सुप्रीम कोर्ट तक बरकरार रहा फैसला
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सरकार ने डिवीजन बेंच में अपील की, लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही शिक्षकों के पक्ष में आया फैसला अंतिम हो गया।
आदेश लागू कराने के लिए करनी पड़ी लंबी मशक्कत
फैसला आने के बाद भी शिक्षकों को तत्काल राहत नहीं मिल सकी। आदेश के पालन में देरी होने पर शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान रायपुर नगर निगम ने आखिरकार 4 अगस्त 2026 को सभी 43 शिक्षकों की बहाली के आदेश जारी कर दिए।
6 अगस्त को खत्म हुआ 11 साल पुराना विवाद
बहाली आदेश जारी होने के बाद हाईकोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को अवमानना प्रकरण का निपटारा कर दिया। इसके साथ ही 11 वर्षों से चला आ रहा सहायक शिक्षक नियुक्ति विवाद समाप्त हो गया।
शिक्षकों ने कहा- लंबी लड़ाई के बाद मिला न्याय
बहाली के बाद शिक्षकों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब उन्हें दोबारा अपने पद पर काम करने का अवसर मिला है। यह मामला सरकारी नियुक्तियों में नियमों के पालन और न्यायालय के आदेशों के समय पर क्रियान्वयन को लेकर भी महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
