महासमुंद जिले के पिथौरा वन परिक्षेत्र में मादा नीलगाय के अवैध शिकार मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। मामले के तीन मुख्य आरोपियों ने आज गुरुवार को वन परिक्षेत्र कार्यालय पिथौरा पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। विभाग ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

वन विभाग के अनुसार, 4 मई को परिवृत्त पूर्व पिथौरा के परिसर सुखीपाली स्थित कक्ष क्रमांक-234 के पास शांतिनगर क्षेत्र में मादा नीलगाय के अवैध शिकार का मामला सामने आया था। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहे थे। गुरुवार को ग्राम शांतिनगर-सुखीपाली निवासी ईश्वर राणा, टंकधर और विद्याधर प्रधान ने वन विभाग के समक्ष समर्पण किया।


वन अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार के मामलों में दोषियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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