


छत्तीसगढ़ – राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2019 से 2023 के दौरान अपने पद का दुरुपयोग कर निविदा कार्यों के आवंटन के बदले अवैध रिश्वत की मांग की और करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की।
एसीबी-ईओडब्ल्यू द्वारा इस मामले में 15 जून 2026 को अपराध क्रमांक 28/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 एवं 11 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।

जांच के दौरान रायपुर और बिलासपुर जिले में छह तथा मध्यप्रदेश के उज्जैन में दो स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि आरोपी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
ईओडब्ल्यू-एसीबी के अनुसार, जांच में भागीरथ वर्मा उर्फ भागीरथी वर्मा की संलिप्तता पाए जाने के बाद उन्हें 17 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद न्यायालय में पेश कर 18 जून से 27 जून 2026 तक पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है।
जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल प्रकरण की विस्तृत विवेचना जारी है और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
