
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। जिले के थाना गातापार क्षेत्र में बारात के दौरान हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें चाकूबाजी की घटना सामने आई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 अप्रैल 2026 की रात ग्राम मुढ़ीपार में हुई। प्रार्थी कमलेश वर्मा (29 वर्ष), निवासी ढारा, जिला राजनांदगांव, ने थाना गातापार में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे गांव के एक विवाह समारोह में शामिल होने आए थे। रात करीब 9 बजे बारात दुल्हन के घर के पास बाजार चौक पहुंची थी, जहां डीजे पर बाराती नाच रहे थे।

इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और “साइड दो” कहते हुए गाली-गलौच करने लगे। बारातियों द्वारा समझाने पर भी विवाद बढ़ गया और आरोपी वहां से चले गए। करीब एक घंटे बाद आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ लौटे और बारातियों से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे राजा वर्मा पर एक आरोपी ने चाकू से पेट में वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।


वहीं प्रार्थी कमलेश वर्मा पर भी चाकू से हमला किया गया, जिससे उनके हाथ और सिर में चोट आई। घटना के बाद बारातियों के शोर मचाने पर आरोपी वहां से भाग गए। घटना के बाद जब घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन निकाला जा रहा था, तभी आरोपी फिर लौटे और लोहे की रॉड से स्कॉर्पियो वाहन के सामने का कांच तोड़ दिया। इससे वाहन को नुकसान पहुंचा।
मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद थाना गातापार पुलिस ने अपराध क्रमांक 29/2026 के तहत धारा 296, 115(2), 351(3), 109, 324(5), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया और पूछताछ की। मुख्य आरोपी गुलशन सिन्हा से घटना में प्रयुक्त चाकू और मोटरसाइकिल (ग्लेमर) बरामद की गई।
इसके बाद अन्य दो आरोपी पुनम सिन्हा और जग्गु निषाद को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार तीनों आरोपी ग्राम मुढ़ीपार, थाना गातापार के निवासी हैं। इसके अलावा इस मामले में शामिल तीन विधि से संघर्षरत बालकों को भी हिरासत में लेकर उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
पुलिस ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल और थाना गातापार स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया गया। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी और क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
