


नई दिल्ली/बांकुरा: छह फीट लंबा और करीब 15 किलो वजनी एक विशाल भारतीय रॉक अजगर (Indian Rock Python) अचानक खेत में लगे जाल में फंस गया. जैसे ही गांव वालों की नजर उस पर पड़ी पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. लोग दूर-दूर से उसे देखने पहुंचने लगे. किसी ने वीडियो बनाया तो किसी ने तस्वीरें खींचीं. हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय समझदारी से काम लेने की अपील की. उनका कहना है कि यह अजगर जहरीला नहीं होता और आमतौर पर इंसानों पर हमला भी नहीं करता.
खेत में लगा जाल बना मुसीबत

यह मामला पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के खत्रा ब्लॉक के जलहारी गांव का है. गांव के रहने वाले विवेक महतो के घर के पास कुछ महीने पहले फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए जाल लगाया गया था. फसल कटने के बाद भी जाल वहीं लगा रहा. सुबह जब विवेक की मां खेत की ओर गईं तो उन्होंने देखा कि एक विशाल अजगर उसी जाल में बुरी तरह फंसा हुआ है. देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई.
वन विभाग ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही खत्रा वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. काफी सावधानी और मेहनत के बाद अधिकारियों ने अजगर को सुरक्षित जाल से बाहर निकाला. वन विभाग के मुताबिक, यह भारतीय रॉक अजगर था जिसकी लंबाई करीब 6 फीट और वजन लगभग 15 किलो था. कुछ समय तक उसकी निगरानी की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है. इसके बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया.
क्या इंसानों पर हमला करता है यह अजगर?
इतने बड़े सांप को देखकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या यह इंसानों के लिए खतरनाक होता है? वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भारतीय रॉक अजगर पूरी तरह विषहीन होता है. यह जहरीला नहीं होता और बिना वजह इंसानों पर हमला नहीं करता. यदि उसे खतरा महसूस हो तो वह केवल अपनी रक्षा करने की कोशिश करता है. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे अजगर इंसानों को अपना शिकार नहीं बनाते. इनका भोजन मुख्य रूप से छोटे और मध्यम आकार के जानवर होते हैं.
आखिर क्या खाता है भारतीय रॉक अजगर?
भारतीय रॉक अजगर का शिकार करने का तरीका भी काफी अलग होता है. यह अपने शिकार को काटकर जहर नहीं छोड़ता, बल्कि अपने मजबूत शरीर से उसे जकड़ लेता है। जब शिकार की सांस रुक जाती है तब वह उसे पूरा निगल जाता है.
इसका सामान्य भोजन होता है—
चूहे और बड़े कृंतक
खरगोश
मुर्गियां और अन्य पक्षी
मोर जैसे बड़े पक्षी
नेवला
छोटे हिरण
जंगली सूअर के बच्चे
बंदर जैसे छोटे स्तनधारी
यही वजह है कि यह खेतों और जंगलों में चूहों की संख्या नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
क्यों मिलता है जंगल महल क्षेत्र में?
वन अधिकारियों के मुताबिक, बांकुरा का जंगल महल इलाका भारतीय रॉक अजगर के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है. यहां घने जंगल, पर्याप्त नमी, अनुकूल तापमान और छोटे-छोटे जीवों की भरपूर उपलब्धता होती है. इसी कारण इस क्षेत्र में समय-समय पर ऐसे अजगर दिखाई देते रहते हैं. हालांकि, छह फीट लंबा और 15 किलो वजनी अजगर एक साथ देखने की घटनाएं बहुत कम होती हैं. इसलिए इस बार लोगों में उत्सुकता भी ज्यादा देखने को मिली.
अगर अजगर दिख जाए तो क्या करें?
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं अजगर दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने या पकड़ने की कोशिश करें. ऐसा करना आपके लिए भी खतरनाक हो सकता है और वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत अपराध भी है. ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें. प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम सुरक्षित तरीके से उसे पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ देती है.
पर्यावरण के लिए क्यों जरूरी है यह सांप?
विशेषज्ञ बताते हैं कि भारतीय रॉक अजगर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है. यह खेतों और जंगलों में चूहों जैसे हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित करता है. यही कारण है कि इसे प्रकृति का ‘साइलेंट गार्ड’ भी कहा जाता है. वन विभाग का कहना है कि लोगों को डरने के बजाय वन्यजीवों के प्रति जागरूक होना चाहिए, क्योंकि ये जीव भी पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
