



Petrol-Diesel Price Today: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की चाल एक बार फिर आम आदमी और निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। गुरुवार यानी आज ब्रेंट क्रूड की कीमतें मजबूत होकर लगभग $92 प्रति बैरल के आंकड़े को छूने लगी हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार से आ रही ताजा रिपोर्ट बताती है कि ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 0.29% की बढ़त देखी गई, जिसके बाद यह $91.88 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। भू-राजनीतिक मोर्चे पर जारी अनिश्चितता और सप्लाई को लेकर बनी आशंकाओं ने कमोडिटी मार्केट के सेंटिमेंट को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।
बुधवार को तेल बाजार में दिखा 1% से ज्यादा का उछाल
दरअसल, क्रूड ऑयल के तेवरों में यह तेजी अचानक नहीं आई है। इससे ठीक एक दिन पहले, यानी बुधवार को ही कच्चे तेल के दामों में 1% से अधिक की बड़ी बढ़त दर्ज की जा चुकी थी। इस उछाल के पीछे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का वह बड़ा फैसला माना जा रहा है, जिसमें उसने ईरान के साथ अपने सभी आर्थिक और वित्तीय लेनदेन को पूरी तरह से रोकने का ऐलान किया। इस बड़े कदम के बाद निवेशकों के मन में यह डर बैठ गया कि मिडिल ईस्ट में लंबे समय से बना तनाव अब और ज्यादा गंभीर रूप ले सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट में सुस्ती
तनाव के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स के मोर्चे पर भी हालात सामान्य नहीं दिख रहे हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही काफी धीमी पड़ चुकी है। इस मार्ग के दोबारा पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से खुलने को लेकर कोई साफ संकेत न मिलने की वजह से ज्यादातर शिपिंग कंपनियों और जहाज मालिकों ने जोखिम उठाने से परहेज किया है। इसी वजह से क्रूड ऑयल की कीमत लगातार बढ़ रही हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था और आपकी जेब पर सीधा असर
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का इस तरह महंगा होना भारत जैसे विकासशील देश के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। भारत अपनी अपनी कुल क्रूड ऑयल जरूरतों का करीब 85% से ज्यादा हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक कीमतों में मामूली तेजी भी देश के इंपोर्ट बिल को काफी हद तक बढ़ा देती है। अगर क्रूड ऑयल इसी तरह $92 के पार बना रहा, तो देश में महंगाई का दबाव बढ़ना तय है। इतना ही नहीं, लंबे समय तक कीमतें ऊंची रहने से घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दामों में संशोधन की संभावना भी काफी बढ़ जाती है।
20 अगस्त को आपके शहर में पेट्रोल की दरें
ग्लोबल उथल-पुथल के बीच अगर देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल के दामों पर नजर डालें, तो 20 अगस्त को राजधानी दिल्ली में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 दर्ज की गई। वहीं, कोलकाता में यह ₹113.43 प्रति लीटर के स्तर पर बिक रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई में ग्राहकों को पेट्रोल के लिए ₹111.12 चुकाने पड़ रहे हैं, जबकि चेन्नई में यह ₹107.75 प्रति लीटर है। दक्षिण भारत के बड़े टेक शहरों की बात करें तो हैदराबाद में पेट्रोल ₹115.69 और बेंगलुरु में ₹110.93 प्रति लीटर के भाव पर बना हुआ है।
20 अगस्त को देश में डीजल के लेटेस्ट रेट्स
डीजल की बात करें, तो इसका सीधा संबंध माल ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन से होता है, जिससे रोजमर्रा की चीजों के दाम प्रभावित होते हैं। 20 अगस्त को दिल्ली में 1 लीटर डीजल ₹95.20 की दर से उपलब्ध है, तो कोलकाता में इसका भाव ₹99.78 प्रति लीटर बना हुआ है। मुंबई में डीजल ₹97.78 और चेन्नई में ₹99.57 प्रति लीटर पर टिका हुआ है। इसके अलावा, हैदराबाद में डीजल का रेट सबसे ज्यादा ₹103.82 प्रति लीटर देखा गया, जबकि बेंगलुरु में यह ₹98.79 प्रति लीटर के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
विभिन्न शहरों में पेट्रोल-डीजल का दाम
| शहर | पेट्रोल का भाव रुपए प्रति लीटर | डीजल का भाव रुपए प्रति लीटर |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.12 | 97.78 |
| कोलकाता | 113.43 | 99.78 |
| चेन्नई | 107.75 | 99.57 |
| नोएडा | 102.12 | 95.56 |
| चंडीगढ़ | 101.54 | 89.47 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| पटना | 113.37 | 99.36 |
| रांची | 105.26 | 100.89 |
MP-CG में पेट्रोल-डीजल
• रायपुर: 108.08 ₹/L पेट्रोल, 101.60 ₹/L डीजल
• बिलासपुर: 108.64 ₹/L पेट्रोल, 101.90 ₹/L डीजल
• भोपाल: 114.19 ₹/L पेट्रोल, 99.33 ₹/L डीजल
• इंदौर: 115.00 ₹/L पेट्रोल, 100.09 ₹/L डीजल
भारत में कैसे तय होते हैं ईंधन के खुदरा दाम?
बहुत से लोगों को लगता है कि भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम सिर्फ क्रूड ऑयल पर निर्भर करते हैं, लेकिन यह थोड़ा अलग है। बेशक ग्लोबल क्रूड ऑयल सबसे अहम फैक्टर है, पर इसके अलावा कई अन्य कड़ियां मिलकर अंतिम कीमत तय करती हैं। इसमें केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट (VAT), रिफाइनिंग मार्जिन, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन का खर्च शामिल होता है। इसके साथ ही, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में होने वाले उतार-चढ़ाव का भी फ्यूल की अंतिम रिटेल प्राइसिंग पर बहुत गहरा असर पड़ता है।
