


रायपुर। छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 15 जुलाई से पहले लगभग 5,500 शिक्षकों की भर्ती कर उन्हें जॉइनिंग दिलाई जाएगी। यह जानकारी शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान दी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को शासन स्तर पर तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। भर्ती पूरी होने के बाद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

स्वामी आत्मानंद विद्यालयों के लिए भी जल्द आदेश
मंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में पदस्थापना के इच्छुक शिक्षकों के लिए भी जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे। इससे उत्कृष्ट विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
नए सत्र में लागू होंगी कई नई व्यवस्थाएं
नए शिक्षा सत्र के साथ स्कूलों में कई प्रशासनिक और तकनीकी सुधार भी लागू किए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री के अनुसार, स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली और बायोमेट्रिक व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राज्यगीत का नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रवेश उत्सव में मिलेगा शैक्षणिक सामग्री का लाभ
प्रवेश उत्सव के दौरान विद्यार्थियों को पुस्तकें, यूनिफॉर्म और साइकिल भी वितरित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हों और उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
शिक्षा गुणवत्ता सुधारने पर जोर
शिक्षा विभाग का मानना है कि नई शिक्षक भर्ती और प्रशासनिक सुधारों के जरिए प्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र पदस्थापना प्रदान की जाएगी।
