



अंबिकापुर (न्यूज़ टी 20): सरगुजा के अंबिकापुर में पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सामने आया है, जिसमे दुर्ग जिले में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक जीवन प्रकाश एक्का और एक आरक्षक ऋषि कांत त्रिपाठी शराब के नशे में धुत होकर शहर के प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास पड़े मिले।
दोनों पुलिस कर्मी दुर्ग से एक कैदी को शिफ्ट करने के लिए अंबिकापुर केंद्रीय जेल आए थे। इस दौरान उनकी सरकारी इंसास राइफल भी लावारिस हालत में पड़ी मिली, जिसका वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। दुर्ग के SSP विजय अग्रवाल ने दोनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करते हुए लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही आर आई को 5 दिनों के भीतर मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।

मिली जानकारी के अनुसार दोनों पुलिसकर्मी 17 अक्टुबर को दुर्ग से कैदी को लेकर अंबिकापुर जेल में दाखिल कराने आए थे। कैदी को जेल में दाखिल करने के बाद वे 18 अक्तुबर की शाम लगभग साढ़े 5 बजे प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास पहुंचे और वहां नशे में धुत हो गए। स्थानीय लोगों ने जब उन्हें नशे की हालत में सड़क किनारे पड़े देखा और पास में ही सरकारी हथियार लावारिस पड़ा देखा तो हड़कंप मच गया।
सार्वजनिक स्थान पर इस तरह इंसास राइफल पड़े होने की सूचना लोगों ने तत्काल बस स्टैंड चौकी पुलिस को दी। सूचना पर बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और लावारिस हालत में पड़ी इंसास राइफल को अपने कब्जे में लिया। दोनों पुलिसकर्मियों को भी वहां से हटाया गया। इसी दौरान किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल और दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने घटनाक्रम का संज्ञान लिया है। पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी केवल कैदी को सुरक्षित जेल तक पहुंचाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि सरकारी हथियारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उनके कर्तव्य में शामिल है। कैदी शिफ्ट करने जैसी संवेदनशील ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर नशे में पाए जाने और इंसास जैसी घातक राइफल को लावारिस छोड़ना सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
