



मुंगेली। 25 डिसमिल जमीन की जिद ऐसी कि अपने साथ पत्नी की जान भी गंवा दी। बड़े भाई ने छोटे भाई से पिता के हिस्से की 50 में से 25 डिसमिल जमीन ले ली। इसके बाद छोटे भाई ने जब अपने खेत में खाद डाला तो खेत के मेड़ को फोड़ दिया। यही रंजिश मौत का कारण बनी। छोटे ने सोते समय बड़े भाई की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी।
वारदात के दौरान जब भाभी की नींद खुली और उसे पहचान गई तब उसकी भी जान ले ली। छत्तीसगढ़ मुंगेली जिले के लोरमी में हुए डबल मर्डर की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने सगे भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने देर रात घर में घुसकर सो रहे भाई-भाभी पर कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी थी। जमीन के बंटवारे को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

मृतकों की पहचान नंदकुमार कश्यप (56) और गौरी बाई कश्यप (52) के रूप में हुई है। आरोपी नंदू कश्यप और नंद कुमार, दोनों सगे भाई खेती-किसानी करते हैं। घटना से एक दिन पहले दोनों भाइयों के बीच खेत के मेड़ को काटने के नाम पर विवाद हुआ था। लेकर विवाद हुआ था। विवाद के चलते नंदू ने भाई भाभी दोनों की हत्या कर दी।
हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने घर के कमरे और अलमारी खोल दिया था। जिस कुल्हाड़ी से भाई भाभी की जान ली थी उसे धोकर घर के बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। मामला लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर का है।
पढ़िए विवाद और फिर हत्या की सिलसिलेवार कहानी
25 अगस्त को नंदकुमार कश्यप के बेटे मोहन कश्यप ने लोरमी थाने में सूचना दी थी। उसने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता गांव में रहते थे। 18 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उसकी मां से फोन पर बात हुई थी। बात करते-करते मोबाइल का रिचार्ज खत्म हो गया था, इसके बाद मां से दोबारा बात नहीं हो पाई।
23 अगस्त को रिचार्ज कराने के बाद जब उसने माता-पिता को फोन किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया। तब मोहन ने अपने चाचा नंदू कश्यप को घर जाकर देखने के लिए कहा। 24 अगस्त को नंदू कश्यप ने बताया कि घर में बाहर से ताला लगा हुआ है। इसके बाद मोहन और उसका भाई बिलासपुर से नवलपुर पहुंचे। घर के अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ताला तोड़कर अंदर जाने पर नंदकुमार और गौरीबाई अलग-अलग बिस्तरों पर मृत मिले।
PM रिपोर्ट में हत्या का खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम बिलासपुर सिम्स में कराया गया। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत घातक हथियार के वार से हाेने की बात सामने आई। इसके बाद लोरमी थाने में धारा 103(1) बीएनएस में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
50 डिसमिल के विवाद में चली गई जान
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नंदकुमार और उसके भाई नंदू के बीच पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिवार के पास करीब 8 एकड़ पैतृक जमीन थी। इसमें दोनों भाइयों को 3-3 एकड़ जमीन मिली थी, जबकि 1 एकड़ जमीन बहन के नाम की गई थी।
करीब 50 डिसमिल जमीन माता-पिता के पास थी। माता-पिता की देखभाल करने के कारण यह जमीन नंदू को मिलने की बात थी। बाद में नंदकुमार ने इस जमीन में आधा हिस्सा मांग लिया। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ गया और नंदू भीतर ही भीतर अपने भाई से रंजिश रखने लगा।
बड़े भाई ने खेत की मेड़ फोड़ दी, तब और गहरा गया विवाद
16 अगस्त को नंदू अपने खेत में खाद डालकर मेड़ बांधकर घर लौटा था। आरोप है कि नंदकुमार ने मेड़ तोड़ दी, जिससे खाद पानी के साथ बह गई। इस घटना के बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद और बढ़ गया। 17 अगस्त की रात करीब 8:15 बजे नंदू अपने भाई के घर पहुंचा था।
दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान नंदकुमार का साला केदार कश्यप वहां पहुंच गया, जिसके बाद नंदू वापस अपने घर चला गया। पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त बुधवार की रात नंदूअपने भाई की हत्या करने के इरादे से कुल्हाड़ी लेकर उसके घर पहुंचा।
पड़ोसी की बाड़ी तरफ से घुसा मकान में
नंदू पड़ोसी की बाड़ी की तरफ से मकान की बाउंड्री पार कर छत के रास्ते घर में घुसा। सीढ़ियों से नीचे उतरने पर उसने देखा कि नंदकुमार और गौरीबाई बरामदे में अलग-अलग जगह सो रहे थे। आरोपी ने पहले नंदकुमार के सिर पर हमला किया।
इसलिए ले ली भाभी की जान
हमले की आवाज सुनकर गौरीबाई जाग गई और उसने नंदू को पहचान लिया। इसके बाद आरोपी ने गौरीबाई पर भी हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी ने लाइट जलाकर दोनों की मौत की पुष्टि की।
