
दुर्ग। जिले में हत्या और लूट के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना से संबंधित साक्ष्य और लूटी गई शेष रकम भी बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार यह मामला अपराध क्रमांक 413/26 धारा 103(1), 238, 3(5) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था।
लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी योगेंद्र निषाद उर्फ बाठु को पुलिस टीम ने सतत पतासाजी और त्वरित विवेचना के आधार पर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि मृतक नारायण उर्फ रामनारायण के साथ पैसों को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी ने बताया कि मृतक की जेब से 2400 रुपये निकालने पर विरोध किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया।

इसके बाद आरोपी और उसके नाबालिग साथी ने पहले हाथ-मुक्कों से मारपीट की और फिर मृतक को घसीटकर दुर्गा मंच के पास ले गए, जहां पत्थर से सिर और चेहरे पर गंभीर हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी ने लूट की रकम अपने पास रख ली थी।


गिरफ्तारी के बाद आरोपी के मेमोरण्डम कथन के आधार पर पुलिस ने शेष 300 रुपये और घटना में प्रयुक्त एक रक्तरंजित तकिया बरामद किया है, जिसे साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है। घटना का स्थान दुर्गा मंच के पास, थाना क्षेत्र दुर्ग बताया गया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में रिमांड के लिए प्रस्तुत किया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना लूट की राशि को लेकर हुए विवाद के कारण हुई थी, जो बाद में गंभीर अपराध में बदल गई। मामले की जांच में नाबालिग साथी की भूमिका की भी अलग से जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी खगेंद्र पठारे, प्रधान आरक्षक 1639 जगजीत सिंह, प्रधान आरक्षक 1481 पुनेश साहू, आरक्षक 1157 बंटी सिंह, आरक्षक 647 त्रिलोकनाथ भाटी और आरक्षक 341 वीरेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके और अपराधों पर नियंत्रण रखा जा सके। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
