



गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अनुशासनहीनता पर व्याख्याता सविता चंद्रा को निलंबित कर दिया गया है।लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेंड्रा की व्याख्याता सविता चंद्रा को शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना तथा अधिकारी-कर्मचारियों के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने संबंधी शिकायतों के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
अमर्यादित भाषा का प्रयोग
जिला शिक्षा अधिकारी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के अनुसार चंद्रा के विरुद्ध विकासखंड मरवाही के ग्राम मरवाही में शासकीय कार्य के दौरान विवाद करने, उच्चाधिकारियों के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने तथा अनुशासनहीनता बरतने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

जनाक्रोश बढ़ाने का आरोप
प्रतिवेदन में उल्लेख है कि 9 अक्टूबर 2026 को तहसीलदार मरवाही द्वारा ग्राम मरवाही के पटवारी हल्का नंबर 4, खसरा नंबर 368/1 एवं 369/1 में दुर्गा पंडाल के सामने स्थित भूमि पर अतिक्रमण हटाने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान चंद्रा द्वारा मौके पर उपस्थित होकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत सामने आई।
साथ ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मरवाही, तहसीलदार एवं अतिक्रमण हटाने में संलग्न अन्य शासकीय कर्मचारियों के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने और उपस्थित जनसमूह को उकसाकर जनाक्रोश बढ़ाने का आरोप लगाया गया।
DPI की कार्रवाई
लोक शिक्षण संचालनालय ने उक्त कृत्य को उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना एवं शासकीय सेवक के लिए निर्धारित आचरण के विपरीत मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत सविता चंद्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
