
बालोद। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में जिले का प्रदर्शन बेहद खराब रहने के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने जिले के 8 प्राचार्यों को निलंबित कर दिया है, जबकि 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
इस बार बालोद जिले का प्रदर्शन राज्य स्तर पर काफी निराशाजनक रहा। ना तो 10वीं और ना ही 12वीं में जिले का कोई छात्र टॉप-10 में जगह बना सका। 12वीं बोर्ड परीक्षा में बालोद जिला पूरे प्रदेश में 30वें स्थान पर रहा, जबकि 10वीं में जिले की रैंक 29वीं रही। जानकारी के अनुसार, 12वीं बोर्ड परीक्षा में जिले से कुल 8745 विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 1941 छात्र असफल रहे।

वहीं 10वीं परीक्षा में 10414 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें 3547 छात्र अनुत्तीर्ण हुए हैं। बोर्ड परीक्षा के नतीजे सामने आने के बाद जिले की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षा विभाग के बेहतर परिणाम और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के दावों की भी पोल खुल गई है। लगातार खराब प्रदर्शन को देखते हुए विभाग ने जिम्मेदार अधिकारियों और प्राचार्यों पर कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश देने की कोशिश की है।


शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद जिले के स्कूलों में हड़कंप मच गया है। वहीं अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस प्रयास किए जाने की जरूरत है।

