दुर्ग। मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक कार पर दूसरे वाहन का पंजीयन नंबर लगाकर इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। वास्तविक वाहन मालिक को लगातार ट्रैफिक चालान और टोल राशि कटने के संदेश मिलने के बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शिकायत के आधार पर मोहन नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 28 वर्षीय आरोपी विजय सेन को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से टोयोटा यारिस कार जब्त की है।

जब्त कार की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित साईं ड्रीम सिटी निवासी 26 वर्षीय मोनिश सोनी ने 24 अगस्त 2026 को मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके नाम पर टोयोटा यारिस कार क्रमांक CG 07 BZ 5226 आरटीओ कार्यालय दुर्ग में पंजीकृत है।


कुछ समय से उसके मोबाइल पर कार से संबंधित ट्रैफिक चालान और टोल राशि कटने के संदेश आ रहे थे। संदेशों की जांच करने पर वाहन मालिक को पता चला कि जिन स्थानों पर वाहन का चालान बना या टोल राशि काटी गई, उस समय उसकी कार वहां गई ही नहीं थी। इससे उसे अपने वाहन के पंजीयन नंबर का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दुरुपयोग किए जाने का संदेह हुआ।

जानकारी जुटाने पर सामने आया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपनी टोयोटा यारिस कार पर मोनिश सोनी की कार का वास्तविक पंजीयन क्रमांक CG 07 BZ 5226 लगा रखा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, नंबर प्लेट के इस दुरुपयोग के कारण उसके वाहन के नाम पर करीब दो हजार रुपये का ट्रैफिक चालान जारी हुआ। इसके अलावा उसके खाते से लगभग सात से आठ हजार रुपये की टोल राशि भी कट गई।

बिना वाहन के उन स्थानों पर पहुंचे चालान और टोल भुगतान का बोझ पड़ने के बाद उसने मोहन नगर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मामले की जांच शुरू की। संदिग्ध वाहन और उसे उपयोग करने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए अलग-अलग स्थानों से जानकारी जुटाई गई।

जांच के दौरान पुलिस को हरी नगर क्षेत्र में रजत डोम के पास संदिग्ध टोयोटा यारिस कार दिखाई दी। जांच करने पर कार पर शिकायतकर्ता के वाहन का पंजीयन क्रमांक लगा मिला। पुलिस ने मौके से वाहन का उपयोग कर रहे विजय सेन को पकड़ लिया। आरोपी की उम्र 28 वर्ष है और वह हरी नगर, दुर्ग का निवासी है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने दूसरे वाहन का पंजीयन नंबर अपनी कार पर लगाकर उसका उपयोग करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी से जब कार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा तो वह संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका। इसके बाद कार को जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया गया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपनी टोयोटा यारिस कार पर अन्य वाहन का वास्तविक पंजीयन क्रमांक CG 07 BZ 5226 फर्जी तरीके से प्रदर्शित किया था। वह इसी नंबर प्लेट के साथ कार को सड़कों पर चला रहा था। इसका परिणाम यह हुआ कि वाहन से संबंधित ट्रैफिक चालान और टोल राशि के संदेश वास्तविक पंजीकृत वाहन मालिक के मोबाइल पर पहुंचते रहे।

मोहन नगर पुलिस ने आरोपी विजय सेन के खिलाफ अपराध क्रमांक 600/2026 दर्ज किया है। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(3), 340(2), 345(3) और 347(1) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विधिवत गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस अब जब्त कार के स्वामित्व और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

इस कार्रवाई में मोहन नगर थाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन के नंबर, नंबर प्लेट या दस्तावेजों के दुरुपयोग की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाने को सूचित करें। संदिग्ध चालान, टोल कटौती और अन्य संदेशों को सुरक्षित रखें, ताकि जांच के दौरान उन्हें साक्ष्य के रूप में पुलिस को उपलब्ध कराया जा सके।

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