भिलाई। छत्तीसगढ़ और विशेषकर भिलाई के खेल प्रेमियों के लिए गर्व की खबर है। मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित 15वें साइलेंट नाइट इंटरनेशनल कराटे कप 2026 में भिलाई की अल्टीमेट कराटे डू एकेडमी के बच्चों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना लोहा मनवाया है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए इन नन्हे खिलाड़ियों ने कुल 5 पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया है।

17 से 19 अप्रैल तक चला मुकाबला

यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 17 से 19 अप्रैल तक मलेशिया के टीटी वंग्सा स्टेडियम में आयोजित की गई थी। छत्तीसगढ़ से केवल इन 6 बच्चों का चयन हुआ था, जिन्होंने एशिया के विभिन्न देशों के खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दी।


पदक तालिका: किसने क्या जीता?

  • श्रेयांश ठाकुर (गोल्ड मेडल): श्रेयांश ने 11-12 वर्ष आयु वर्ग (-40 किलो) में श्रीलंका, इंडोनेशिया, सिंगापुर और मेजबान मलेशिया के खिलाड़ियों को मात देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
  • दक्ष शर्मा (सिल्वर मेडल): 8-9 वर्ष आयु वर्ग (+25 किलो) में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्ष ने मलेशिया, श्रीलंका, सिंगापुर और इंडोनेशिया के प्रतिद्वंद्वियों को हराकर रजत पदक जीता।
  • श्लोक पंडित (सिल्वर मेडल): 16-17 वर्ष आयु वर्ग (+76 किलो) में श्लोक ने इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर को धूल चटाते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया।
  • काव्यांश कटारिया (सिल्वर मेडल): जूनियर वर्ग की टीम कुमिते में काव्यांश ने अपनी कला का प्रदर्शन कर रजत पदक जीता।
  • टीम कुमिते (ब्रॉन्ज मेडल): श्रेयांश ठाकुर, दक्ष शर्मा और दर्श वर्मा की तिकड़ी ने टीम इवेंट में कांस्य पदक जीता।
  • आदित्य हेमंत साहू: आदित्य ने भी रिंग में बेहतरीन कौशल दिखाया, हालांकि वे पदक से चूक गए, लेकिन उनके प्रदर्शन की काफी सराहना हुई।

कोच सागर साहू को मिली बड़ी जिम्मेदारी

बच्चों की इस सफलता के पीछे उनके कोच सेंसाई सागर साहू (WKF 4th दान ब्लैक बेल्ट) की कड़ी मेहनत है। खास बात यह है कि कोच सागर साहू को इस टूर्नामेंट के लिए ‘भारत कोच’ के रूप में चुना गया। पिछले 4 वर्षों से वे इन बच्चों को तराश रहे हैं।

कोच सागर साहू ने जीत पर कहा: “मैं बेहद खुश हूं कि हमारे छोटे से राज्य के बच्चे सात समंदर पार जाकर मेडल ला रहे हैं। इन बच्चों की मेहनत रंग लाई है। इस सफलता में CGKDA के वर्किंग प्रेसिडेंट रेंशी बी.बी. नायडू जी का बड़ा योगदान है, जो हमेशा हमारा मार्गदर्शन करते हैं।”

भिलाई के ये खिलाड़ी अब भविष्य में होने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए फिर से अभ्यास में जुट गए हैं। उनकी इस उपलब्धि पर शहर के खेल जगत में खुशी की लहर है।

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