



रायपुर। छत्तीसगढ़ एसीबी ने 36.79 लाख का गबन करने वाले बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक के खिलाफ चालान पेश किया। आरोपी शाखा प्रबंधक भावेश विश्वकर्मा ने पद में रहने के दौरान दूसरों की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर 36 लाख की राशि हड़प लिए थे। EOW ने मामले में आज विशेष न्यायालय कोण्डागांव में 1500 पन्नों का चालान पेश किया।
जानिए पूरा मामला
दरअसल, राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण/एन्टी करप्शन ब्यूरो रायपुर ने बैंक ऑफ इंडिया बड़े डोंगर शाखा जिला कोण्डागांव के तत्कालीन शाखा प्रबंधक भावेश विश्वकर्मा के खिलाफ विशेष न्यायालय कोण्डागांव में लगभग 1,500 पन्नों का चालान पेश किया। भावेश विश्वकर्मा के खिलाफ 4 अप्रैल 2022 को धारा 13(1)(क), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (वर्ष 2018 में संशोधित) तथा धारा 409 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

पद पर रहने के दौरान राशि का गबन
जाँच में पाया गया कि भावेश विश्वकर्मा 25 जून 2019 से 18 जनवरी 2022 तक बैंक ऑफ इंडिया की बड़े डोंगर शाखा में शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे। इस दौरान उन्होंने शाखा के अन्य अधिकारियों की जानकारी व सहमति के बिना उनकी यूज़र आईडी और पासवर्ड का उपयोग किया।
साथ ही सक्रिय बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर बैंक के कार्यालय खातों, फसल बीमा खाते, ग्राहकों के बचत, ऋण खातों और स्वयं सहायता समूहों के खातों से अनधिकृत रूप से राशि निकाली। कुल 36,79,323 बैंक ऑफ बड़ौदा की कोण्डागांव शाखा में अपने व्यक्तिगत खाते तथा अन्य खातों में स्थानांतरित किए।
जाँच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और गवाहों के कथनों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध अभियोजन के लिए पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर चालान पेश किया गया। बैंक ऑफ इंडिया ने उनके कार्यकाल के दौरान हुई इन वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में विभागीय कार्रवाई के बाद 27 सितंबर 2022 को भावेश विश्वकर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
