
भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के एक कर्मचारी से हाई रिटर्न और ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर करीब 38.30 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पिता और उसके दो बेटों ने बीमा पॉलिसी और निवेश स्कीम के नाम पर पीड़ित को धीरे-धीरे बड़ी रकम देने के लिए मजबूर किया। शिकायत के बाद भट्ठी थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-4 सड़क निवासी संतोष कुमार (57), जो BSP में इलेक्ट्रिशियन के पद पर कार्यरत हैं, इस ठगी का शिकार हुए हैं। वर्ष 2022 में उनकी एक बीमा पॉलिसी मैच्योर हो गई थी, जिसे बंद कराने के लिए वे सिविक सेंटर स्थित बीमा कार्यालय पहुंचे थे। वहीं उनकी मुलाकात सेक्टर-6 निवासी के. देवासहायम से हुई, जिसने खुद को बीमा एजेंट बताते हुए उनकी मदद की और धीरे-धीरे विश्वास जीत लिया।

इसके बाद 28 सितंबर 2022 को देवासहायम अपने दो बेटों के. रवि कुमार और के. राजेश कुमार के साथ पीड़ित के घर पहुंचा। तीनों ने मिलकर उन्हें एकमुश्त निवेश करने पर भारी मुनाफा दिलाने का लालच दिया। उनकी बातों में आकर संतोष कुमार ने पहले 14 लाख रुपये का चेक दे दिया।


इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर बीमा कराने की बात कहकर उनसे चरणबद्ध तरीके से 17.30 लाख रुपये और ले लिए। इस तरह कुल बड़ी राशि आरोपियों के पास पहुंच गई। इसके अलावा आरोपियों ने पीड़ित से सिविक सेंटर सुपर बाजार से करीब 7 लाख रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान भी निकलवा लिए।
इनमें फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एसी, टीवी, फ्रीजर और मोबाइल जैसे सामान शामिल थे। आरोपियों ने कहा था कि ये सामान बेचकर निवेश की राशि बढ़ाई जाएगी और अच्छा रिटर्न मिलेगा। समय बीतने के बाद जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने केवल 8.06 लाख रुपये लौटाए। इसके साथ ही उन्होंने 59,890 रुपये की किस्त जमा कराकर कुल 20 बीमा पॉलिसियां पीड़ित, उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर थमा दीं।
जब इन पॉलिसियों की जांच की गई, तो खुलासा हुआ कि जिन्हें हाई रिटर्न निवेश योजना बताया गया था, वे दरअसल सामान्य जीवन बीमा पॉलिसियां थीं। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। भट्ठी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर के. देवासहायम, के. रवि कुमार और के. राजेश कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 506 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब पूरे लेनदेन, बैंक ट्रांजेक्शन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला संगठित धोखाधड़ी का प्रतीत हो रहा है, जिसमें लंबे समय तक भरोसा जीतकर पीड़ित से बड़ी रकम ली गई। जांच के बाद आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।
स्थानीय स्तर पर इस घटना ने लोगों को वित्तीय निवेश और बीमा योजनाओं के नाम पर हो रही ठगी को लेकर सतर्क कर दिया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।
