दुर्ग। छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच ने शिक्षक संवर्ग की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की पूरी तैयारी कर ली है। मंच के प्रांतीय आह्वान पर 27 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल और महारैली की घोषणा की गई है। आंदोलन की पूर्व सूचना देते हुए रविवार को मंच के प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपर कलेक्टर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया है कि 27 अगस्त को दुर्ग स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के सामने विशाल धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके बाद शिक्षक करीब 2 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए सेवा सदन स्थित शिक्षा मंत्री के निवास तक पहुंचेंगे। शिक्षक वहां धरना देकर अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे।


TET अनिवार्यता समाप्त करने सहित चार प्रमुख मांगें

छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग TET की अनिवार्यता समाप्त करने की है। इसके अलावा शिक्षक संवर्ग ने पुरानी व्यवस्था के तहत पदोन्नति, मोदी की गारंटी के अनुसार क्रमोन्नति और पुरानी सेवा बहाल करने की मांग रखी है।

शिक्षकों की प्रमुख मांगें

  • TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
  • पुराने नियमों के अनुसार पदोन्नति दी जाए।
  • मोदी की गारंटी के तहत क्रमोन्नति प्रदान की जाए।
  • शिक्षकों की पुरानी सेवा बहाल की जाए।

शासन के रवैये से नाराज शिक्षक, आर-पार की लड़ाई का ऐलान

ज्ञापन सौंपने के बाद मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक संवर्ग लंबे समय से अपनी मूलभूत मांगों और सेवा संबंधी विसंगतियों के निराकरण की मांग कर रहा है। कई वर्षों से शासन-प्रशासन के समक्ष लगातार मांगें रखी जा रही हैं, लेकिन समाधान नहीं होने से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

मंच का कहना है कि अब शिक्षक हक और अधिकार की लड़ाई के लिए आर-पार के मूड में हैं। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं किया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।

DEO कार्यालय से शिक्षा मंत्री निवास तक पदयात्रा

आंदोलन के पहले दिन 27 अगस्त को दुर्ग संभाग के शिक्षक बड़ी संख्या में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे। यहां धरना प्रदर्शन के बाद शिक्षक करीब 2 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए सेवा सदन स्थित शिक्षा मंत्री के निवास तक पहुंचेंगे।

मंच के अनुसार, शिक्षक निर्धारित स्थान पर एकत्रित होकर रैली निकालेंगे और शिक्षा मंत्री निवास के समक्ष बैठकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे। आंदोलन को सफल बनाने के लिए जिला और संभाग स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

दुर्ग, रायपुर और बस्तर संभाग के शिक्षकों से एकजुट होने की अपील

छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच के कार्यकारी अध्यक्ष बसन्त कौशिक और प्रांतीय उपाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख ने दुर्ग संभाग, रायपुर संभाग और बस्तर संभाग के सभी एलबी एवं शिक्षक संवर्ग के साथियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि यह समय शिक्षक समुदाय के लिए अपने हक, स्वाभिमान और सुरक्षित भविष्य की लड़ाई में एकजुट होने का है। उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से 27 अगस्त को अधिक से अधिक संख्या में दुर्ग पहुंचकर DEO कार्यालय के धरना स्थल में शामिल होने और आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में ये पदाधिकारी रहे मौजूद

कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच के कई प्रमुख पदाधिकारी और शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से—

बसन्त कौशिक, देवेंद्र हरमुख, कृष्णा वर्मा, गिरीश साहू, अमितेश तिवारी, दीपक साहू, सुनील स्वर्णकार, इंद्रेश बंजारे, पोखन साहू, रामलाल साहू, उत्तम ठाकुर, रमेश साहू और अशोक कुमार धुर्वे शामिल रहे।

इनके साथ ही छत्तीसगढ़ शिक्षक साझा मंच के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और शिक्षक प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

27 अगस्त पर टिकी नजर

शिक्षक साझा मंच के इस आंदोलन को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासन की नजर 27 अगस्त पर टिकी हुई है। TET अनिवार्यता, पदोन्नति, क्रमोन्नति और पुरानी सेवा बहाली जैसे मुद्दों को लेकर होने वाले इस आंदोलन में दुर्ग के साथ रायपुर और बस्तर संभाग के शिक्षकों की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि 27 अगस्त से शुरू होने वाला यह आंदोलन कितना बड़ा रूप लेता है और सरकार शिक्षकों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

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