राजधानी में महिला अधिकारी से अश्लील हरकत और ऑनलाइन उत्पीड़न, पुलिस ने दर्ज किया मामला

रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां एक महिला अधिकारी के साथ फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से अश्लील हरकत और मानसिक उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पीड़िता छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल में कार्यरत हैं और टिकरापारा थाना क्षेत्र की निवासी हैं।

पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी लिखित शिकायत में बताया कि 30 अप्रैल की सुबह उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। शुरुआत में सामान्य बातचीत करने वाले युवक ने कुछ ही देर में अशोभनीय और निजी सवाल पूछने शुरू कर दिए। इसके बाद उसने महिला से आपत्तिजनक मांग की, जिससे पीड़िता असहज हो गईं। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फोन काट दिया।


घटना यहीं समाप्त नहीं हुई। पीड़िता के अनुसार, 4 मई की सुबह उसी नंबर से फिर कॉल और व्हाट्सएप मैसेज आने लगे। इस बार आरोपी ने हद पार करते हुए अपनी नग्न तस्वीरें भेज दीं। इस हरकत से महिला अधिकारी को गहरा मानसिक आघात पहुंचा और वे भय व तनाव की स्थिति में आ गईं।

लगातार हो रहे इस उत्पीड़न से पीड़िता की निजी और पेशेवर जिंदगी दोनों प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि बार-बार आने वाले अश्लील कॉल और मैसेज के कारण वे मानसिक तनाव से गुजर रही हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। अंततः उन्होंने साहस जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पीड़िता ने संबंधित मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंप दिए हैं, जिनके आधार पर जांच की जा रही है। टिकरापारा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर सेल की मदद से आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए होने वाले अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और इनके खिलाफ सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत करें और किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न को नजरअंदाज न करें।

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