
छत्तीसगढ़ के भिलाई और रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति की बाइक घर में खड़ी थी, लेकिन उसी नंबर पर दूसरे शहर में ट्रैफिक नियम तोड़े जा रहे थे और चालान असली मालिक के नाम पर कटते रहे।
क्या है पूरा मामला?
भिलाई के आम्रपाली वनांचल सिटी निवासी ज्योति कांत अग्रवाल की बाइक का नंबर (CG 07 BK 7848) किसी अज्ञात व्यक्ति ने क्लोन कर लिया।

- बाइक घर में ही खड़ी थी
- रायपुर में उसी नंबर से नियम तोड़े गए
- कुल 11 बार ई-चालान जारी
- जुर्माना करीब ₹50,000 तक पहुंच गया
शिकायत के बाद पुलिस ने पकड़ा आरोपी
पीड़ित ने मामले की शिकायत विजय अग्रवाल (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) से की।
जांच के बाद पुलिस ने रायपुर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जो दूसरे वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहा था।


कैसे हुआ खुलासा?
जांच में पाया गया कि:
- चालान रायपुर के व्यस्त इलाकों में कटे
- वाहन मालिक कभी वहां गया ही नहीं
- इससे Number Plate Cloning की पुष्टि हुई
क्या है नंबर प्लेट क्लोनिंग?
नंबर प्लेट क्लोनिंग एक ऐसा साइबर/वाहन अपराध है, जिसमें:
- किसी असली वाहन का नंबर कॉपी किया जाता है
- उसे दूसरे वाहन पर लगा दिया जाता है
- ट्रैफिक उल्लंघन या अपराध उसी नंबर से किया जाता है
👉 इसका नुकसान असली वाहन मालिक को उठाना पड़ता है।
कैसे बचें इस फ्रॉड से?
- समय-समय पर अपने वाहन के e-challan चेक करें
- अनजान जगह का चालान दिखे तो तुरंत शिकायत करें
- नंबर प्लेट पर हाई सिक्योरिटी फीचर्स (HSRP) लगवाएं
- संदिग्ध गतिविधि दिखे तो पुलिस को सूचना दें
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि:
- ऐसे मामलों को नजरअंदाज न करें
- तुरंत शिकायत दर्ज कराएं
- सतर्क रहकर अपने वाहन की सुरक्षा सुनिश्चित करें
