
देश के करोड़ों कामगारों के लिए केंद्र सरकार ने रिटायरमेंट को लेकर एक बहुत बड़ी खुशखबरी दी है। अगर आप भी अपने बुढ़ापे को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना चाहते हैं, तो अब चिंता छोड़ दीजिए। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने खासतौर पर असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए ‘एनपीएस संचय’ (NPS Sanchay) नाम से एक नई और शानदार पेंशन योजना की शुरुआत की है।
असंगठित क्षेत्र के करोड़ों लोगों को मिलेगा सहारा

इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक पेंशन की सुविधा पहुँचाना है, जो अब तक किसी भी औपचारिक रिटायरमेंट प्लान का हिस्सा नहीं बन पाए थे। सरकार और PFRDA का मानना है कि भारत की एक बहुत बड़ी आबादी असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) में मेहनत करती है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद उनके पास आय का कोई पक्का जरिया नहीं होता। ‘एनपीएस संचय’ इसी कमी को पूरा करने और भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम है।


निवेश करना अब होगा बच्चों का खेल
अक्सर लोग पेचीदा निवेश विकल्पों और एसेट अलोकेशन की उलझनों के कारण पेंशन स्कीमों से दूरी बना लेते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ‘एनपीएस संचय’ को बेहद सरल बनाया गया है। इसे ‘ऑल सिटीजन मॉडल’ और ‘मल्टी स्कीम फ्रेमवर्क’ के तहत तैयार किया गया है, ताकि एक आम आदमी जिसे निवेश की ज्यादा समझ नहीं है, वह भी आसानी से अपना पैसा सुरक्षित कर सके। इसका मकसद समाज के अंतिम पायदान पर खड़े उस व्यक्ति को जोड़ना है, जिसके पास वित्तीय सलाहकारों की पहुंच नहीं है।
18 से 85 साल तक के लोग उठा सकेंगे लाभ
इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत इसकी उम्र सीमा है। 18 वर्ष के युवा से लेकर 85 वर्ष तक का कोई भी भारतीय नागरिक इस योजना में शामिल होकर अपना पेंशन खाता खोल सकता है। यह योजना विशेष रूप से छोटे व्यापारियों, दिहाड़ी मजदूरों, घरों में काम करने वाले सहायकों, खेतिहर मजदूरों और अपना छोटा-मोटा काम करने वाले स्वरोजगारियों (Self-employed) के लिए वरदान साबित होने वाली है। खाता खोलने के लिए बस केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
निकासी के नियम और कम निवेश शुल्क
एनपीएस संचय में निवेश का तरीका और पैसे निकालने के नियम मौजूदा एनपीएस (NPS) व्यवस्था के समान ही रखे गए हैं। इसमें निवेशकों को न्यूनतम योगदान देने की सुविधा मिलेगी और जरूरत पड़ने पर आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) भी की जा सकेगी। सबसे राहत की बात यह है कि इसमें लगने वाले चार्ज बहुत कम रखे गए हैं, ताकि कम आय वाले परिवारों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। देश के लगभग 90 प्रतिशत कार्यबल को ध्यान में रखकर बनाई गई यह स्कीम भविष्य में लाखों परिवारों की रीढ़ साबित होगी।
