बिलासपुर।  बिल्हा थाना क्षेत्र में रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर चलती गाड़ियों पर अंधाधुंध पत्थरबाजी कर दहशत फैलाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने आया था, लेकिन फोन रिसीव नहीं होने से नाराज होकर उसने शराब के नशे में हाईवे से गुजर रहे वाहनों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

इस घटना में मैटाडोर चालक की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। दरअसल कुछ दिन पहले बिल्हा थाना क्षेत्र में देर रात चलती गाड़ियों पर अंधाधुंध पत्थर फेंककर दहशत फैलाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे।


करीब एक महीने तक चली जांच, दर्जनों गांवों में पूछताछ और 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात की वजह बेहद चौंकाने वाली थी। मुख्य आरोपी अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने बिल्हा क्षेत्र आया था, लेकिन युवती ने उसका फोन रिसीव नहीं किया और मिलने भी नहीं पहुंची।

इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने अपने साथी के साथ शराब पी और गुस्से में हाईवे पर गुजर रही गाड़ियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। जानकारी के मुताबिक, 20 अप्रैल 2026 की देर रात लोरमी निवासी जगदीश भोंसले बारात छोड़कर अपनी मैटाडोर से वापस लौट रहे थे। रात करीब 12:30 बजे बिल्हा थाना क्षेत्र के झाल गांव के पास अचानक अज्ञात बदमाशों ने उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।

एक बड़ा पत्थर सीधे उनके सिर पर आकर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसी दौरान अंबुजा सीमेंट प्लांट से चकरभाठा की ओर जा रहे ट्रक को भी आरोपियों ने निशाना बनाया। ट्रक चालक सोनू सरोज के सिर पर पत्थर लगने से वह वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सड़क किनारे उतर गया।

इसके कुछ दूरी बाद एक स्कॉर्पियो वाहन पर भी पत्थर फेंके गए, जिससे वाहन पलट गया और उसमें सवार लोग घायल हो गए। आरोपियों ने एक अन्य वाहन पर भी हमला किया था। लगातार हो रही पत्थरबाजी से हाईवे पर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया था। घटना के बाद बिल्हा पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था, लेकिन मैटाडोर चालक जगदीश भोंसले की मौत के बाद इसे हत्या की धाराओं में बदल दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। जांच के दौरान पुलिस को रामपुर गांव स्थित एक फिश फार्मिंग प्लांट में कुछ युवकों द्वारा पटाखे फोड़ने की जानकारी मिली। पूछताछ में पंकज ध्रुव और मोहन निषाद का नाम सामने आया।

कर्मचारियों ने बताया कि पंकज अपने साथियों के बीच गाड़ियों पर पत्थर मारने की बात कह रहा था। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पूरी घटना का खुलासा हो गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पंकज ध्रुव (21 वर्ष) निवासी टेंगा, जिला धमतरी और उसके साथी मोहन निषाद (30 वर्ष) निवासी कोहरौदा, बिल्हा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए ईंट और पत्थर भी बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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