



रायपुर। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद राज्य सरकार ने प्रदेशभर के जिला कलेक्टर्स और एसपी को अलर्ट मोड पर रहने और संभावित आपदा की आशंका के मद्देनजर राहत व बचाव कार्य के लिए टीम तैयार रखने का निर्देश जारी किया है। आज पूरे दिन जिला व पुलिस प्रशासन के आला अफसर तैयारियों का जायजा लेते रहे व संभावित खतरों व आपदा को देखते हुए मिनट-टू- मिनट तैयारियों का अपडेट लेते रहे।
अर्नब तूफान फिलहाल वारारामचंद्रपुरम में बताया जा रहा है, जो रायपुर से लगभग 390 किलोमीटर दूर है। यदि यह 65 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ता है, तो अनुमानित रूप से रायपुर पहुंचने में करीब 4 घंटे 35 मिनट से 6 घंटे लग सकते हैं।

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्नब का असर छत्तीसगढ़ में दिखने लगा है। रायपुर और रायगढ़ में सुबह से बूंदाबांदी हो रही है, वहीं गरियाबंद में देर रात से लगातार बारिश के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में रेड अलर्ट जारी किया है।
दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी है। अगले 24 घंटे में बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, दुर्ग, कांकेर, महासमुंद, नारायणपुर, रायपुर और सुकमा में कई जगह भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तूफान का असर दक्षिण छत्तीसगढ़ में ज्यादा दिखने की आशंका है।
एहतियात के तौर पर जगदलपुर समेत बस्तर और सुकमा जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। गरियाबंद और दुर्ग में भी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और बेवजह घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
29 अक्टूबर को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। आज छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में ऐसा रहा मौसम का मिजाज रायपुर में बादल छाए, रात से ठंडी हवाएं चलती रहीं, सुबह से बारिश होती रही। बिलासपुर में सुबह से ही आसमान में घटाएं रहीं, सुबह 11बजे से रुक-रुक कर बारिश होती रही।
रायगढ़ और गरियाबंद में सुबह से बारिश होती रही। दंतेवाड़ा में मंगलवार शाम को आसमान लाल नजर आया। दुर्ग में बारिश के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं। गरियाबंद में मंगलवार शाम आसमान में लालिमा छाई रही। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। पेंड्रा में घने काले बादल छाए हैं और तेज बारिश हो रही है। कोरबा में बुधवार सुबह से काली घटा छाई हुई है और रिमझिम बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।
अर्नब का असर एक दिन पहले से ही
मौसम विभाग की मानें तो, 27 अक्टूबर से ही प्रदेश में अर्नब चक्रवात का असर देखने को मिला, रायपुर, बिलासपुर समेत कई जिलों में मंगलवार को बादल छाए रहे, जिसकी वजह से दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। वहीं रात को ठंडी हवाएं चलती रही। बुधवार को सुबह से आसामान में घटाएं छाई रही।
बता दें कि, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बुधवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम से टकराया। लैंडफॉल की प्रोसेस करीब तीन घंटे तक चली। लैंडफॉल के समय हवा की स्पीड गति 125-135 किलोमीटर प्रति घंटा रही।
अर्नब को लेकर प्रशासन अलर्ट
चक्रवात अर्नब के असर को देखते हुए रायपुर जिला प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट कर राहत-बचाव की तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कर लोगों को भारी बारिश, तेज हवाओं, बिजली गिरने और जलभराव से बचाव की समझाइश दी जा रही है। राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, नगरीय निकाय, पंचायत और बिजली विभाग के साथ SDRF, NDRF और फायर ब्रिगेड की टीम को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी-नालों, निचले इलाकों, कमजोर भवनों, पेड़ों और बिजली लाइनों पर नजर रखने के साथ जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया है। नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर मौसम की चेतावनियों की नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक बाहर नहीं निकलने, अफवाहों से बचने और अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0771-2413233 जारी किया गया है।
कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने आज (28 अक्टूबर) दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है। एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कल उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में अलर्ट
गुरुवार 29 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। गरज-चमक के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
बाढ़ आपदा से निपटने तैयार हो रही जल मित्रों की टीम, 57 लोगों को विशेष प्रशिक्षण
बिलासपुर जिला प्रशासन ने बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनहानि रोकने और त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय स्तर पर जल मित्रों की टीम तैयार की जा रही है। इसके लिए जिले के विभिन्न अनुभागों एवं तहसीलों से चयनित 57 कोटवारों, मछुआरों, गोताखोरों और कुशल तैराकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षित लोगों की मदद से तत्काल बचाव कार्य शुरू करना और जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचाना है। अग्निशमन, आपातकालीन सेवाएं एवं एसडीआरएफ प्रशिक्षण केंद्र, परसदा में 26 से 30 अक्टूबर तक आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बाढ़ से बचाव की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस दौरान मोटर बोट (ओबीएम) के संचालन, पानी में डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, तैराकी की विभिन्न तकनीकों तथा लाइफ जैकेट और लाइफ ब्वॉय के सही उपयोग की जानकारी दी जा रही है। साथ ही राहत एवं बचाव कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों और सामग्रियों से भी प्रशिक्षणार्थियों को परिचित कराया जा रहा है।
प्रशिक्षण के माध्यम से जिले में ऐसे जल मित्रों की टीम विकसित की जा रही है, जो बाढ़ एवं जलभराव जैसी आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई कर लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित बचाव दल की उपलब्धता से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रशिक्षणार्थी भी पूरे उत्साह के साथ बचाव की तकनीकें सीख रहे हैं।
स्कूलों में अवकाश घोषित
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से अतिवृष्टि की संभावना को देखते हुए बिलासपुर जिले के सभी स्कूलों में 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को अवकाश घोषित किया गया है। बच्चों की सुरक्षा और स्कूल आने-जाने में होने वाली संभावित कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में 29 अक्टूबर को अवकाश रहेगा। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर संभावित अतिवृष्टि एवं प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट माेड पर
चक्रवात अर्नब की संभावना के मद्देनजर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMHO डॉ. शुभा गरेवाल द्वारा जिले में संचालित समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं को अलर्ट कर आवश्यक निर्देश जारी किये गये हैं। बिलासपुर द्वारा जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों-सिम्स, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन तैयारियां तुरंत सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में में इस तरह की व्यवस्था की गई है। कॉम्बैट टीमों का गठन एवं ऑन-कॉल अलर्टः बिलासपुर जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर कॉम्बैट टीमों का गठन कर दिया गया है। टीमों के सभी सदस्यों को किसी भी आपात स्थिति के लिए ऑन-कॉल अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दवाइयों व जीवनरक्षक सामग्री की पर्याप्त उपलब्धताः सिम्स, जिला अस्पताल और सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जलजनित बीमारियों, बुखार, उल्टी-दस्त की दवाइयाँ, सर्पदंश की दवाइयों एवं अन्य जीवनरक्षक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है। ओ.आर.एस.. क्लोरीन टेबलेट और ब्लीचिंग पाउडर की भी पर्याप्त व्यवस्था रखी गई है।
24 घंटे एम्बुलेंस सेवा एवं वैकल्पिक मार्गः 108 एवं महतारी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवाओं को 24 घंटे क्रियाशील एवं हाई-अलर्ट पर रखा गया है। आपातकालीन मार्गों की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लगाने की तैयारी की गई है।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्थाः जिन गर्भवती महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि 27 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच है, उनकी पहचान कर स्वास्थ्य केंद्रों में रहने की व्यवस्था की जा रही है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों की प्रसव-आसन्न गर्भवती महिलाओं को तूफान आने से पूर्व ही निकटवर्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में सुरक्षित शिफ्ट किया जाएगा।
अस्पतालों में पावर बैकअप व ऑक्सीजनः सभी संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त जीवनरक्षक दवाइयों के साथ-साथ ऑक्सीजन जनरेटर बैकअप एवं प्रसव सामग्री की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
